11 साल पुराने रोडवेज-बस यात्रा-विवाद पर उपभोक्ता आयोग का फैसला:मुजफ्फरनगर में निगम और परिचालक पर 15 हजार का जुर्माना लगा
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →मुजफ्फरनगर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने गुरुवार शाम करीब 5 बजे 11 साल पुराने रोडवेज बस यात्रा से जुड़े मामले में आदेश पारित किया। अनमोल जैन और उनकी पत्नी प्रियंका जैन की शिकायत पर आयोग ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम और बस परिचालक के खिलाफ आदेश देते हुए कुल 15 हजार रुपये अदा करने के निर्देश दिए हैं।
इसमें 10 हजार रुपये मानसिक क्षति और 5 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में शामिल हैं। मामला 2 जून 2015 का है। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह सुबह मुजफ्फरनगर बस स्टैंड से पुरकाजी जाने वाली रोडवेज बस में सवार हुए थे। आरोप था कि बस परिचालक प्रदीप चौधरी ने उन्हें पुरकाजी का टिकट देने से इनकार कर दिया और टिकट को लेकर विवाद किया।
परिवादी ने परिचालक पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और बस से नीचे उतारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया था। चालक और यात्रियों के हस्तक्षेप के बाद मिला टिकट शिकायत के मुताबिक, विवाद के दौरान बस चालक और अन्य यात्रियों ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद परिवादी को टिकट दिया गया। इसके बाद भी रास्ते भर परिचालक के व्यवहार को लेकर विवाद की स्थिति बनी रही।
घटना के बाद परिवादी ने संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में शिकायत दाखिल की। आयोग ने साक्ष्यों और दलीलों का किया परीक्षण आयोग के अध्यक्ष सतीश कुमार और सदस्य मनीष कुमार ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों का परीक्षण किया।
आयोग ने माना कि परिवादी की सेवा में कमी और अभद्र व्यवहार से संबंधित शिकायत को पूरी तरह निराधार नहीं माना जा सकता। मामले की परिस्थितियों को देखते हुए आयोग ने मानसिक क्षति के लिए 10 हजार और वाद व्यय के लिए 5 हजार रुपये देने का आदेश दिया। आयोग ने विपक्षीगण को आदेश की तिथि से दो माह के भीतर परिवादी को निर्धारित कुल 15 हजार रुपये अदा करने के निर्देश दिए हैं।
राशि में मानसिक क्षति और वाद व्यय दोनों शामिल हैं।
📡 स्रोत: NewsData.io