12 साइबर ठगों से 54 लाख रुपए जब्त, सभी गिरफ्तार:रिटायर्ड कर्मी को 8 दिन रखा था डिजिटल अरेस्ट; 17 राज्यों में की जांच
देवास पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 54 लाख 84 हजार 725 रुपए बरामद किए हैं।
गिरोह के सदस्य खुद को पुलिस, क्राइम ब्रांच, सीबीआई और दूरसंचार विभाग के अधिकारी बताकर लोगों को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाने और गिरफ्तारी का डर दिखाते थे। इसके बाद वीडियो कॉल पर फर्जी कोर्ट की कार्रवाई दिखाकर पीड़ितों से रकम ट्रांसफर कराते थे।
रिटायर्ड कर्मचारी से 63.52 लाख की ठगी से खुला नेटवर्क मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के एक निजी कंपनी के रिटायर्ड कर्मचारी से जुड़ा है। आरोपियों ने खुद को क्राइम ब्रांच का आईपीएस अधिकारी बताया और करीब आठ दिन तक उन्हें डिजिटल अरेस्ट में रखने का दावा किया।
मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 63.52 लाख रुपए ट्रांसफर कराए गए। शिकायत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर मिलने के बाद पुलिस ने बैंक खातों में हुए ट्रांजेक्शन की जांच शुरू की।
बैंक स्टेटमेंट, खाताधारकों, मोबाइल नंबरों, बैंक शाखाओं के सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए पुलिस ठगी की रकम की एक-एक कड़ी तक पहुंची। 17 राज्यों के 33 जिलों तक पहुंची जांच जांच में गिरोह का नेटवर्क एक राज्य तक सीमित नहीं मिला। देवास पुलिस की 19 टीमें 17 राज्यों के 33 जिलों में पहुंचीं।
राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों में स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश दी गई। पुलिस के अनुसार कार्रवाई 127 दिनों तक चली।
इस दौरान टीमों ने करीब 58,315 किलोमीटर की दूरी तय की और आरोपियों से जुड़े बैंक खातों व ठिकानों की जांच की। 12 आरोपी गिरफ्तार, लाखों रुपए बरामद पुलिस ने भूराराम राव, भालाराम मेघवाल, नाजिम खान, थोटकुरा हर्षवर्धन साई नरसिंह वर्मा, वैभव शुक्ला, मुकराला मेघा अविनाश, आयुष गुप्ता, केयूर कुमार, कमल कांति, मोहम्मद अब्दुल्ला, अनिल कुमार और गिरीश कुमार येलेंटी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार मोहम्मद अब्दुल्ला से 21 लाख, गिरीश कुमार से 11.20 लाख, अनिल कुमार से 6 लाख, कमल कांति से 3.20 लाख और नाजिम खान से 4 लाख रुपए सहित कुल 54,84,725 रुपए बरामद किए गए। अनिल कुमार के पास से चेकबुक, एटीएम और मोबाइल भी जब्त किया गया। पुलिस के मुताबिक मोहम्मद अब्दुल्ला दिल्ली से गिरोह का संचालन करता था।
कमल कांति पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और फिलहाल पुलिस रिमांड पर है। पुलिस उससे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेन-देन के संबंध में पूछताछ कर रही है। 50 से ज्यादा मोबाइल और 1500 से अधिक सिम का इस्तेमाल जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ठगी के लिए 50 से ज्यादा मोबाइल फोन और 1500 से अधिक सिम कार्ड का इस्तेमाल किया।
पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की दूसरी वारदातों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। 19 टीमों और 70 पुलिसकर्मियों ने की कार्रवाई एसपी पुनीत गेहलोद ने बताया कि 19 पुलिस टीमों में शामिल करीब 70 पुलिसकर्मियों ने 127 दिनों तक लगातार कार्रवाई की।
बैंकिंग ट्रांजेक्शन से शुरू हुई जांच आरोपियों के ठिकानों तक पहुंची और इसी आधार पर अलग-अलग राज्यों में दबिश देकर गिरफ्तारियां की गईं।
पुलिस की कार्रवाई एक नजर में 50 से ज्यादा मोबाइल और 1500 से अधिक सिम का इस्तेमाल खुलासे में कोतवाली थाना प्रभारी उप पुलिस अधीक्षक श्यामचंद्र शर्मा, निरीक्षक जीवन भिडोरे, उप निरीक्षक राहुल परमार, हर्ष चौधरी, राहुल पाटीदार, साइबर सेल प्रभारी प्रधान आरक्षक शिवप्रताप सिंह सेंगर, सचिन चौहान सहित पुलिस टीम की भूमिका रही।
📡 स्रोत: NewsData.io