12 वर्षीय दुर्गा हत्याकांड में सास ज्ञान्ती देवी को उम्रकैद, एक लाख रुपये जुर्माना
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बगहा कोर्ट ने दोषी ज्ञान्ती देवी को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अपहरण के मामले में भी सात साल की सजा दी।
02 नवंबर , बगहा ( पश्चिम चंपारण, बिहार) : पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में करीब 12 वर्षीय दुर्गा कुमारी के अपहरण और हत्या के मामले में बगहा व्यवहार न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने मामले में दोषी करार दी गई ज्ञान्ती देवी को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसके अलावा अपहरण के अपराध में सात वर्ष का कारावास और दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत के आदेश के अनुसार, दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
यह मामला गोबरहिया थाना कांड संख्या 16/2025 से संबंधित है। मामले में मृतका के पिता शंकर मांझी ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। चार नवंबर 2025 को चौकीदार के माध्यम से परिजनों को बच्ची की मौत की सूचना मिली थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर अदालत ने ज्ञान्ती देवी को दोषी ठहराया। अदालत ने जुर्माने की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश भी दिया है। वहीं, दोषी द्वारा पहले से जेल में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा।