12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की संयुक्त घोषणा जारी
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
27 अक्टूबर, नई दिल्ली : नई दिल्ली में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच में वैश्विक चुनौतियों से निपटने और जन-केंद्रित विकास को गति देने में संसदों की भूमिका पर जोर दिया गया है। संयुक्त घोषणा में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं।
घोषणा में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवाद के सभी रूपों से मिलकर मुकाबला करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है। साथ ही, इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन किया गया है। तकनीक के मोर्चे पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI और डिजिटल तकनीकों के सुरक्षित, समावेशी और जिम्मेदार इस्तेमाल पर जोर दिया गया है।
वहीं, जलवायु परिवर्तन से निपटने, सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने और विकासशील देशों को जलवायु वित्त एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की अपील की गई है। घोषणा का एक अहम संदेश है वैश्विक संस्थाओं में सुधार, बहुपक्षवाद को मजबूती और विकासशील देशों की निर्णय प्रक्रिया में अधिक भागीदारी।12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की संयुक्त घोषणा में वैश्विक शांति, बदलती विश्व व्यवस्था और विकासशील देशों की चुनौतियों पर साझा रुख सामने आया है।
यूक्रेन का अलग से नाम लिए बिना अंतरराष्ट्रीय विवादों के शांतिपूर्ण समाधान, अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान और बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। वहीं, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संवाद एवं कूटनीति के जरिए स्थायी शांति की दिशा में प्रयास करने की अपील की गई है।