राजनीति

149 पंचायतों की कमान महिलाओं के हाथ

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
149 पंचायतों की कमान महिलाओं के हाथ

डीडवाना-कुचामन जिले की 298 ग्राम पंचायतों में से 149 पंचायतें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। वहीं 3,096 वार्डों में 1,548 वार्ड महिलाओं के हिस्से में आए हैं।

डीडवाना-कुचामन, 1 अक्टूबर। राजस्थान में होने वाले पंचायत राज चुनाव 2026 में डीडवाना-कुचामन जिले में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ने जा रही है। जिले की कुल 298 ग्राम पंचायतों में से 149 ग्राम पंचायतें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। ऐसे में जिले की आधी ग्राम पंचायतों में महिला सरपंच चुनी जाएंगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर अवधेश मीणा के अनुसार हालिया परिसीमन के बाद जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या 298 हो गई है और पंचायतों में आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। आरक्षण में विभिन्न वर्गों की महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है।

आंकड़ों के अनुसार अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के लिए 32 ग्राम पंचायतें, अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए 26 और सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए 91 ग्राम पंचायतें आरक्षित की गई हैं। इन तीनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 149 ग्राम पंचायतें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

1,548 वार्डों में भी महिलाओं की भागीदारी

महिला आरक्षण का दायरा केवल सरपंच पदों तक सीमित नहीं है। जिले के कुल 3,096 वार्ड पंच पदों में से 1,548 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इससे पंचायतों में निर्णय प्रक्रिया और स्थानीय प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने की संभावना है।

जिला निर्वाचन अधिकारी अवधेश मीणा ने बताया कि आरक्षण का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। पंचायत राज संस्थाओं में महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी भूमिका और मजबूत होगी।

महिला जनप्रतिनिधियों ने जताई खुशी

महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण पर जिले की महिला जनप्रतिनिधियों ने खुशी जताई है। उनका कहना है कि आधी ग्राम पंचायतों की कमान महिलाओं के हाथों में आने से ग्रामीण राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को मजबूती मिलेगी।

पंचायतों में महिला नेतृत्व बढ़ने के साथ ग्राम सभाओं और स्थानीय विकास से जुड़े फैसलों में भी महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। गांवों की मूलभूत सुविधाओं, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय जरूरतों से जुड़े विषयों पर निर्णय प्रक्रिया में महिला जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल सकती है।

पंचायत राज चुनाव 2026 में डीडवाना-कुचामन जिले में महिला आरक्षण का यह स्वरूप ग्रामीण सत्ता में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करता है। अब जिले की आधी ग्राम पंचायतों और बड़ी संख्या में वार्डों में महिलाएं नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने की तैयारी में हैं।

बाइट 01 - अवधेश मीणा, जिला निर्वाचन अधिकारी

बाइट 02 - बरखा रानी पाटनी, जनप्रतिनिधि

बाइट 03 - डॉ. रजनी गावड़िया, जनप्रतिनिधि

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।