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17 से 20 सितम्बर तक मनाया जायेगा एतिहासिक गुग्गा माड़ी मेला, सुबाथू तैयारियों को दिया जा रहा अंतिम रूप

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
17 से 20 सितम्बर तक मनाया जायेगा एतिहासिक गुग्गा माड़ी मेला, सुबाथू तैयारियों को दिया जा रहा अंतिम रूप

सितंबर 16,सोलन (हिमाचल प्रदेश): सोलन जिले के सुबाथू में प्रसिद्ध गुग्गा माड़ी जिला स्तरीय मेले का आयोजन इस वर्ष 17 से 20 सितंबर तक किया जाएगा। गुग्गा माड़ी मेला सुबाथू की धार्मिक आस्था और लोक परंपरा से गहराई से जुड़ा ऐतिहासिक आयोजन है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस मेले की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है और पीढ़ी-दर-पीढ़ी गूग्गा महाराज के प्रति श्रद्धा के साथ इसे मनाया जाता रहा है।

गुग्गा महाराज को क्षेत्र में लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है और उन्हें विशेष रूप से सर्पों से रक्षा करने वाले देवता के रूप में मान्यता प्राप्त है। भादो माह में आयोजित होने वाले इस मेले में दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु सुबाथू की गुग्गा माड़ी पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। पुराने समय में यह आयोजन मुख्य रूप से स्थानीय धार्मिक परंपराओं और ग्रामीण समाज के मेल-मिलाप का अवसर हुआ करता था, लेकिन समय के साथ इसका स्वरूप विस्तृत होता गया और आज यह जिला स्तरीय मेले के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।

मेले की परंपरा में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ लोक संस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक सहभागिता की झलक भी देखने को मिलती है। बुजुर्गों द्वारा सुनाई जाने वाली गुग्गा महाराज से जुड़ी लोककथाएं और मान्यताएं इस मेले की ऐतिहासिक विरासत को आज भी जीवंत बनाए हुए हैं। सुबाथू का गुग्गा माड़ी मेला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आधुनिक समय में क्षेत्र की पुरानी लोक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बना हुआ है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

गुग्गा माड़ी मेला सोलन जिले के सुबाथू में 17 से 20 सितंबर तक आयोजित होने वाला एक ऐतिहासिक जिला स्तरीय मेला है, जो गूग्गा महाराज के प्रति श्रद्धा और स्थानीय धार्मिक आस्था का प्रतीक है। यह मेला पीढ़ी-दर-पीढ़ी मनाया जाता रहा है, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है। इस वर्ष की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिससे मेले का आयोजन सुचारू रूप से हो सकेगा। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह स्थानीय परंपरा के संरक्षण और पर्यटन के विकास को दर्शाती है। मेले से आम जनता को आर्थिक लाभ, सांस्कृत

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।