18 साल बाद लाहौल के त्रिलोकनाथ धाम पधारेंगे देव मार्कंडेय ऋषि
अगस्त 20, लाहौल-स्पीति (हिमाचल प्रदेश): भगवान त्रिलोकीनाथ की पावन भूमि एक बार से एक ऐतिहासिक मिलन का गवाह बनने जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश की सुख-समृद्धि, विश्व शांति और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव की कामना को लेकर, मंडी जिले के बालीचौकी स्थित सुनारू वंश के आराध्य देव मार्कंडेय ऋषि 18 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ऐतिहासिक देव यात्रा के लिए त्रिलोकनाथ पधार रहे हैं।
आज यानी 20 अगस्त को देवता अपने मूल स्थान सुनारू से हज़ारों देवलुओं के साथ लाहौल-स्पीति के सुप्रसिद्ध त्रिलोकनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रिलोकनाथ धाम देव मार्कंडेय ऋषि की प्रमुख तपोस्थली रहा है और मंदिर में जलने वाली अमर ज्योति भी इन्हीं के द्वारा प्रज्वलित मानी जाती है।
इससे पहले देवता वर्ष 2008 में यहाँ पधारे थे। 18 साल बाद बन रहे इस दिव्य संयोग को लेकर लाहौल और बालीचौकी में भी श्रद्धालुओं और देव कमेटी में भारी उत्साह का माहौल है।