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19 सितंबर से शुरू होगी ‘गरशा पदयात्रा 2026, पर्यावरण और हिमालयी विरासत संरक्षण का देगी संदेश

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
19 सितंबर से शुरू होगी ‘गरशा पदयात्रा 2026, पर्यावरण और हिमालयी विरासत संरक्षण का देगी संदेश

अगस्त 15, लाहौल-स्पीति (हिमाचल प्रदेश): लाहौल घाटी में पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित सात दिवसीय ‘गरशा पदयात्रा 2026’ का आयोजन 19 से 25 सितंबर तक किया जाएगा। यंग डूरुगपा एसोसिएशन गरशा के तत्वावधान में होने वाली यह पदयात्रा दारचा से शुरू होकर गेमुर, केलांग, रांगबे, जहालमा और थिरोट होते हुए त्रिलोकनाथ तक पहुंचेगी।

इस दौरान यात्रा में शामिल पदयात्री करीब 76 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करेंगे। यात्रा का उद्देश्य हिमालयी पर्यावरण, सांस्कृतिक विरासत और विश्व शांति के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ाना है। प्रतिदिन आध्यात्मिक अनुष्ठान, प्रार्थना और बौद्ध दर्शन से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। 25 सितंबर को त्रिलोकनाथ में विशेष पूजा और अनुष्ठानों के साथ पदयात्रा का समापन होगा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।