1937 में कांग्रेस ने वंदे मातरम् को बांटा- जेपी नड्डा

अगस्त 20, नई दिल्ली: भाजपा के वरिष्ठ और केंद्रीय मंत्री नेता जेपी नड्डा ने 'वंदे मातरम्' के केवल दो छंद गाने के कांग्रेस के फैसले पर तीखा हमला बोला है।
सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म एक्स पर नड्डा ने 1937 के प्रस्ताव का हवाला देते हुए कहा कि उस समय तुष्टिकरण की राजनीति के तहत 'वंदे मातरम्' को दो हिस्सों में बांटने के कांग्रेस के फैसले ने दो-राष्ट्र सिद्धांत को बल दिया और अंततः देश का विभाजन हुआ।नड्डा ने कहा कि 'वंदे मातरम्' के 150वें वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार इस ऐतिहासिक भूल को सुधार रही है।
उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर कृति के पूर्ण गायन और सभी सरकारी समारोहों में इसे पूर्ण रूप से गाने को कानूनी स्वरूप देने का निर्णय लिया गया है।
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर समझौते, तुष्टिकरण और विभाजनकारी शक्तियों के सामने झुकने की राजनीति करने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा राष्ट्रीय नैतिकता, राष्ट्रीय मूल्यों और राष्ट्रीय भावना से समझौता किया है और उस दौर की कांग्रेस इसका उदाहरण है।
नड्डा ने आरोप लगाया कि आज देश विकसित भारत के लक्ष्य और पंच प्रण के साथ स्वाभिमान से आगे बढ़ रहा है, लेकिन कांग्रेस अब भी गुलामी की मानसिकता और तुष्टिकरण की राजनीति से ग्रसित है। फोटो- केंद्रीय मंत्री नेता जेपी नड्डा का पोस्टसोर्स- एक्स (Jagat Prakash Nadda)