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20 नवंबर को धर्मशाला से होगा ‘खेलो हिमाचल–चिट्टा मुक्त अभियान’ का आगाज, 22.50 करोड़ रुपये होंगे खर्च

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
20 नवंबर को धर्मशाला से होगा ‘खेलो हिमाचल–चिट्टा मुक्त अभियान’ का आगाज, 22.50 करोड़ रुपये होंगे खर्च

तीन से चार महीने तक चलेंगी खेल प्रतियोगिताएं, छह खेलों में प्रदेशभर के युवाओं को मिलेगा प्रतिभा दिखाने का मौका

नवंबर 04, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश के युवाओं को नशे से दूर रखने और उनकी खेल प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार खेलो हिमाचल–चिट्टा मुक्त अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देश पर युवा सेवाएं एवं खेल विभाग की ओर से आयोजित किए जा रहे इस अभियान का शुभारंभ 20 नवंबर को धर्मशाला में होगा।

उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे। यह जानकारी आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंदर गोमा ने अभियान की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के खेलो इंडिया अभियान की तर्ज पर प्रदेश में शुरू किए जा रहे इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ना और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखना है।

इसके माध्यम से ग्रामीण स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने के साथ खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए उचित मंच उपलब्ध करवाया जाएगा। मंत्री के अनुसार, प्रतियोगिताओं को व्यापक स्तर पर आयोजित करने और विजेता खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए बजट में बढ़ोतरी की गई है। पहले इस आयोजन के लिए लगभग 16 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित था, जिसे बढ़ाकर अब करीब 22.50 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर विजेता खिलाड़ियों के लिए आकर्षक नकद पुरस्कार भी रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। ब्लॉक और जोनल स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन की जिम्मेदारी जिला खेल अधिकारियों को सौंपी जाएगी।

इसके साथ ही खिलाड़ियों का डोप टेस्ट भी करवाया जाएगा, ताकि प्रतियोगिताओं की विश्वसनीयता बनी रहे। गोमा ने बताया कि 20 नवंबर को धर्मशाला में विधानसभा का शीतकालीन सत्र भी चल रहा होगा। ऐसे में उद्घाटन समारोह के दौरान संभावित भीड़ और वीआईपी आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि यह अभियान केवल खेल प्रतियोगिताओं तक सीमित न रहे, बल्कि प्रदेश में नशे के खिलाफ जनभागीदारी का एक बड़ा माध्यम बने।

बाईट: यादविंदर गोमा, आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।