20 साल बाद बदलेगा राजस्थान बोर्ड की किताबों का स्वरूप
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राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की पाठ्यपुस्तकों में करीब दो दशक बाद बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। अजमेर स्थित रीट कार्यालय में दो दिवसीय पुस्तक लेखन कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। एनईपी 2020, एनसीईआरटी और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के अनुरूप पुस्तकों की भाषा, विषयवस्तु और प्रस्तुति को आधुनिक बनाया जाएगा।
अजमेर, 23 अक्टूबर। राजस्थान बोर्ड की किताबों में अब बड़ा बदलाव होने जा रहा है। करीब 20 साल बाद पाठ्यपुस्तकों का स्वरूप बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। किताबों की भाषा से लेकर विषयवस्तु और प्रस्तुति तक को नए सिरे से तैयार किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को सरल, प्रासंगिक और आधुनिक अध्ययन सामग्री मिल सके।
इसी कड़ी में अजमेर के रीट कार्यालय में गुरुवार को दो दिवसीय पुस्तक लेखन कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इसमें प्रदेशभर से पहुंचे करीब 90 विषय विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। कार्यशाला में विज्ञान, फाइन आर्ट्स और कॉमर्स विषयों की पाठ्यपुस्तकों को लेकर मंथन किया जा रहा है।
विशेषज्ञों को पाठ्यक्रम निर्धारण, विषयों के विभाजन और पुस्तकों की विषयवस्तु को लेकर दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। बोर्ड के अनुसार, वर्ष 2005 के बाद पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। वहीं, पिछले दो दशकों में विज्ञान, तकनीक और शिक्षण पद्धतियों में काफी परिवर्तन आया है। ऐसे में नई जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पाठ्यपुस्तकों को अपडेट किया जा रहा है।
नई किताबें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के अनुरूप तैयार की जाएंगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आसान भाषा में बेहतर और अद्यतन अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना है।
राजस्थान बोर्ड की इस पहल से आने वाले समय में विद्यार्थियों को बदले हुए शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप नई पाठ्यपुस्तकें मिल सकेंगी। अब देखना होगा कि पुस्तक लेखन की यह प्रक्रिया कब तक पूरी होती है और नई किताबें विद्यार्थियों तक कब पहुंचती हैं।