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2024 में एयरफोर्स पर हमले में शामिल लश्कर आतंकी ढेर:पाकिस्तान का नागरिक था; दावा- पहलगाम हमले से जुड़े लिंक; अभी भी सेना का ऑपरेशन जारी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 8 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
2024 में एयरफोर्स पर हमले में शामिल लश्कर आतंकी ढेर:पाकिस्तान का नागरिक था; दावा- पहलगाम हमले से जुड़े लिंक; अभी भी सेना का ऑपरेशन जारी

जम्मू-कश्मीर में गुरुवार से चल रहे ऑपरेशन अशदर में सुरक्षा बलों ने एक आतंकी को मार गिराया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को बताया कि आतंकी की पहचान यासिर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, यासिर पाकिस्तानी नागरिक था और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था। सूत्रों के मुताबिक, यासिर के नाम पहलगाम आतंकी हमले की जांच से भी जुड़ा था।

सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को उसे ढेर किया था। बडगाम में सेना का ऑपरेशन अभी भी जारी है। लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का आतंकी यासिर सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था। एजेंसियों के मुताबिक, वह जम्मू-कश्मीर में कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा रहा है। इसमें मई 2024 में पुंछ में IAF काफिले पर हमला और दिसंबर 2023 का डेरा की गली (DKG) एंबुश भी शामिल है।

4 मई 2024 को पुंछ जिले के सुरनकोट इलाके में आतंकियों ने IAF के काफिले पर हमला किया था, इसमें एक जवान की जान गई थी। 4 आंतकियों के गुप में 3 की मौत सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, यासिर(अबु तल्हा) 2022 से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय चार सदस्यीय LeT ग्रुप का हिस्सा था। उसके मारे जाने के बाद इस ग्रुप का सिर्फ हाशिम मूसा बचा है।

इस ग्रुप में स्थानीय LeT आतंकी जुनैद रमजान के अलावा सुलेमान, यासिर और हाशिम मूसा शामिल थे। जुनैद रमजान पहले ही मारा जा चुका था। उसके मोबाइल फोन से सुरक्षा बलों को चारों आतंकियों की एक तस्वीर मिली थी, जिससे एजेंसियों को इस ग्रुप और JK में उसके नेटवर्क का अहम सुराग मिला। दैनिक भास्कर को सूत्रों ने बताया कि सुलेमान भी एक ऑपरेशन में मारा गया है।

वहीं, यासिर की मौत आज अशदर गली में हुई। इस तरह मूल चार सदस्यीय ग्रुप में अब हाशिम मूसा ही सक्रिय सदस्य बचा है। सूत्रों के मुताबिक हाशिम मूसा, सुलेमान और यासिर के नाम पहलगाम आतंकी हमले की जांच से भी जुड़े हैं। दो महीने बाद घाटी में एनकाउंटर सेना के अधिकारियों के मुताबिक, मारे गए आतंकी की पहचान अभी नहीं हो पाई है।

हालांकि, मौके से एक AK राइफल बरामद की गई है। यह मुठभेड़ घाटी में करीब 2 महीने बाद हुई है। पिछला एनकाउंटर 9 जुलाई को शोपियां के चानपोरा में हुआ था। सेना ने लश्कर के 2 आतंकी मार गिराए थे, दोनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के टॉप ऑपरेटिव थे। पुलवामा से बडगाम आने की खबर मिली थी सुरक्षाबलों को गुरुवार शाम को आतंकियों के एक संदिग्ध ग्रुप

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर जम्मू‑कश्मीर में चल रहे ऑपरेशन अशदर के दौरान एक पाकिस्तानी नागरिक, यासिर, को लश्कर‑ए‑तैयबा के सदस्य के रूप में पहचान कर मार गिराने के बारे में है। इस घटना से पता चलता है कि लश्कर‑ए‑तैयबा की गतिविधियाँ पाकिस्तान की सीमाओं के भीतर भी जारी हैं। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत‑पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है और दिखाती है कि आतंकवादी नेटवर्क सीमा पार कार्य कर रहे हैं। आम जनता पर इसका असर मनोवैज्ञानिक सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों में अस्थिरता के रूप में हो सकता है, साथ ही सीमा पर

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