राजनीति

2027 की जनगणना में ओबीसी का पृथक कॉलम जोड़ने की मांग

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 1 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
2027 की जनगणना में ओबीसी का पृथक कॉलम जोड़ने की मांग

जिला कलेक्टोरेट में प्रांतीय कुशवाहा समाज ने सौंपा ज्ञापन

भोपाल। वर्ष 2027 की जनगणना में पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की जातिवार जनसंख्या दर्ज करने तथा ओबीसी के लिए पृथक कॉलम जोड़ने की मांग को लेकर प्रांतीय कुशवाहा समाज मध्य प्रदेश द्वारा भोपाल जिला कलेक्टोरेट में ज्ञापन सौंपा गया।

प्रांतीय कुशवाहा समाज जिला भोपाल के अध्यक्ष एडवोकेट कैलाश कुशवाहा ने बताया कि जातिगत जनगणना में ओबीसी का कॉलम हटाए जाने पर समाज की ओर से विरोध व्यक्त किया गया है। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2027 की जनगणना में ओबीसी के लिए स्पष्ट एवं पृथक कॉलम शामिल किया जाए और प्रत्येक जाति की जनसंख्या दर्ज की जाए।

उन्होंने कहा कि ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या का प्रमाणिक एवं आधिकारिक आंकड़ा सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक नीतियों के उचित निर्धारण के लिए आवश्यक है। समाज ने सरकार से मांग की कि जनगणना में ओबीसी की स्पष्ट पहचान के साथ जातिवार जनसंख्या दर्ज करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर प्रांतीय कुशवाहा समाज के संरक्षक नारायण सिंह कुशवाहा, जिला महामंत्री डालचंद कुशवाहा, वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान सिंह कुशवाहा, महिला जिला अध्यक्ष सोमवती कुशवाहा, युवा जिला अध्यक्ष शाका कुशवाहा, संभाग महामंत्री पुरुषोत्तम कुशवाहा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष कुशवाहा, युवा जिला महामंत्री कवित सैनी, जिला संगठन मंत्री मयंक कुशवाहा सहित कार्यकारिणी पदाधिकारी एवं अन्य समाजों के ओबीसी प्रतिनिधि मौजूद रहे। ज्ञापन के दौरान बड़ी संख्या में ओबीसी समाज के लोग उपस्थित रहे।

S
Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।