राजनीति

24 मौतों के पीछे राजनीति का रसूख, ब्लैक-स्टोन से कमाई:सरपंच ही बना शराब कारोबारी; अब ततरवारा से पुरुष गायब, दरवाजों पर लटक रहे ताले

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 9 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
24 मौतों के पीछे राजनीति का रसूख, ब्लैक-स्टोन से कमाई:सरपंच ही बना शराब कारोबारी; अब ततरवारा से पुरुष गायब, दरवाजों पर लटक रहे ताले

सागर के बंडा और शाहगढ़ तहसील के गांवों में नकली व जहरीली शराब पीने से करीब 24 लोगों की मौत हो गई। कई लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। इस पूरे मामले में आसपास के गांवों के लोगों ने ग्राम ततरवारा पर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि ग्राम ततरवारा में अवैध शराब बनाने और बेचने का काम चलता है। इसी गांव से आसपास के गांवों और बंडा इलाके में शराब की सप्लाई की जाती है।

पूरे नेटवर्क में प्रभावशाली और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग शामिल हैं, जिस कारण आम व्यक्ति इनका विरोध भी नहीं कर पाता। ग्राम ततरवारा पर लगे अवैध शराब के आरोपों की पड़ताल करने दैनिक भास्कर की टीम गांव पहुंची। गांव पहुंचते ही एक बुजुर्ग मिले। उनसे शराब के बारे में पूछा तो वह बोले, “हमारे गांव को झूठा बदनाम किया जा रहा है।

यहां ऐसा कुछ भी नहीं होता।” इसके बाद वे घर के अंदर चले गए। गांव की गलियों की ओर अंदर पहुंचे तो देखा कि लगभग सभी घरों के दरवाजे बंद थे। एक भी पुरुष नजर नहीं आ रहा था। बाड़ों में मवेशी बंधे थे और आंगन में वाहन खड़े दिखे, मगर पुरुष कहीं नजर नहीं आए। महिलाएं जरूर अपने घर के काम करती दिखीं।

उनसे बात करने की कोशिश की तो वे बगैर कुछ बोले घर के अंदर चली गईं। स्कूल में बच्चों की चहल-पहल, गांव में पसरा सन्नाटा गांव पहुंचते ही सबसे पहले स्कूल दिखा, जिसमें बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। कुछ बच्चे खेलते मिले। थोड़ी आगे पहुंचे तो शराब कांड में आरोपी बनाए गए सरपंच चंद्रभान सिंह राजपूत का मकान मिला।

इसका गेट बंद था। अंदर भी कोई नजर नहीं आया। धीरे-धीरे गांव की गलियों में पहुंचे और हकीकत जानने की कोशिश की। मगर पूरे गांव में एक भी पुरुष नहीं मिला। हर गली में सन्नाटा पसरा था। सिर्फ कुत्ते ही गांव में घूमते नजर आए। गांव के लोग भागते फिर रहे, हम बुजुर्ग ही हैं काफी देर गांव में घूमने के बाद एक बुजुर्ग घर से बाहर निकलते दिखे।

उनसे बात की तो उन्होंने अपना नाम द्रगपाल सिंह बताया। गांव में नकली शराब बनाए जाने के बारे में पूछने पर बोले, “मुझे कुछ नहीं पता। लेकिन पुलिस रोज आ रही है। गांव में डर का माहौल है। सभी लोग इधर-उधर भागते फिर रहे हैं। गांव में कोई भी पुरुष नहीं है। हम दो-तीन बुजुर्ग ही हैं। हमसे पुलिस कुछ नहीं कहती।

मैं अपने घर की बता सकता हूं। मेरे घर शराब का कोई काम नहीं होता।” गांव में शराब का एक खाली क्वार्टर मिला अवैध शराब का गढ़ बताए जा रहे ततरवारा गांव की गलियों में घूमने के दौरान सिर्फ एक खाली शराब का क्वार्टर पड़ा मिला। जबकि 2 किमी दूर स्थित नौराज गांव की हर गली में दर्जनों की संख्या में क्वार्टर पड़े मिले थे।

साथ ही अवैध शराब निर्माण के कोई साक्ष्य नजर नहीं आए। आसपास के गांवों में मौतें, ततरवारा में एक भी केस नहीं आया पूरे मामले में खास बात यह है कि अवैध शराब बनाने और बेचने के मामले में गांव के सरपंच समेत पांच से अधिक लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गांव से शराब सप्लाई के साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है।

लेकिन जहरीली शराब का असर गांव के एक भी व्यक्ति पर नहीं पड़ा। जबकि पास के गांव नौराज, गूगरा और छापरी में शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई। एक महिला ने बातचीत में बताया, “रात में रोज पुलिस आ रही है। लोगों को पकड़कर ले गई। जिसने गलत किया, अब उसके साथ हो रहा है। दूसरों को शराब पिलाकर मार दिया।

गांव में कोई मौत नहीं हुई।” पत्थर बेचकर पैसा कमाया, सरपंच बनकर शराब कारोबार में शामिल हुआ ततरवारा के सरपंच चंद्रभान सिंह राजपूत को पुलिस ने शराब के मामले में आरोपी बनाया है। उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया है। परिचितों की मानें तो सरपंच चंद्रभान उर्फ चंदू राजा शुरुआत में काले पत्थर की खदान में खुदाई करता था।

पत्थर बेचकर पैसा कमाया। इसके बाद वह शराब कारोबारी मनीष लोधी के साथ जुड़ा और शराब का काम करने लगा। इसी बीच चंद्रभान ने गांव में सरपंच का चुनाव लड़ा और पैसों व प्रभाव के दम पर चुनाव जीत गया। सरपंच समेत ततरवारा के 5 से अधिक आरोपी मामले में कार्रवाई करते हुए विनायका थाना पुलिस ने ततरवारा (नौराज ग्राम पंचायत) के सरपंच चंद्रभान सिंह राजपूत, राघवेंद्र पिता सोहन सिंह, धर्मेंद्र पिता भुजबल राजपूत, सोहन पिता उमराव सिंह राजपूत निवासी ततरवारा समेत अन्य को आरोपी बनाया है।

कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। 14 आरोपी गिरफ्तार, 225.12 लीटर अवैध देशी शराब जब्त मामले में कार्रवाई करते हुए बंडा और विनायका पुलिस ने अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 225.12 लीटर अवैध देशी शराब जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों में जुझार सिंह पिता ब्रजेन्द्र सिंह लोधी, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम नौराज; दिनेश सिंह पिता गुलाब सिंह लोधी, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम नौराज; मनोहर लोधी पिता गुलजार लोधी, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम नौराज; राजा लोधी पिता आधार सिंह लोधी, उम्र 45 वर्ष, निवासी गूगरा थाना विनायका; सरपंच आरोपी चंद्रभान उर्फ चंदू पिता द्वारिका सिंह राजपूत, उम्र 42 वर्ष, निवासी ततरवारा; भगवान सिंह पिता देवी सिंह लोधी, उम्र 44 वर्ष, निवासी ग्राम पाटन; अरविंद यादव पिता आशाराम यादव, उम्र 44 वर्ष, निवासी पाटन; मानसिंह पिता बिहारी अहिरवार, निवासी पाटन समेत अन्य शामिल हैं।

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📡 स्रोत: NewsData.io

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