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28 साल पहले ‘दादा’ ने की थी ‘बेइज्जती’ फूट-फूट कर रोए थे करोड़ों पाकिस्तानी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 19 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
28 साल पहले ‘दादा’ ने की थी ‘बेइज्जती’ फूट-फूट कर रोए थे करोड़ों पाकिस्तानी

Sourav Ganguly humiliates Pakistan : टीम इंडिया और पाकिस्तान के बीच होने वाला एक दिवसीय मैच हो या फिर टी-20, दोनों देशों के करोड़ों फैन्स की धड़कनें बढ़ाने वाला होता है.

टी-20 और एक दिवसीय मैचों में भले ही वर्तमान में पाकिस्तान टीम प्रतिद्वंद्वी भारत की तुलना में काफी कमजोर है, लेकिन 1990 और 2000 के दशक में पाकिस्तान का जलवा था. 1992 में तो पाकिस्तान की टीम ने इमरान खान की अगुवाई में आईसीसी वर्ल्ड कप जीतकर अपना लोहा देशभर में मनवाया था.

ऐसे में उस दौर में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला हमेशा रोमांच के चरम को छू लेता था. लोग काम धाम छोड़कर और दफ्तर से झूठ बोलकर भारत और पाकिस्तान का मुकाबला देखते हैं. इस स्टोरी में हम बात करेंगे 1998 में हुए मैच की, जिसमें भारत ने पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में सिर्फ 3 विकेट से हराया था.

इस मैच में सौरव गांगुली ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए शतक लगातार अकेले ही पाकिस्तान के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी थीं. इस मैच में आकिब जावेद और सकलैन मुश्ताक जैसे पाकिस्तान टीम के गेंदबाजों पर दादा उर्फ सौरव गांगुली भारी पड़े थे. सईद अनवर ने बनाए थे 140 रन बात जनवरी, 1998 की है.

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में सिल्वर जुबली कप के मुकाबले खेले गए थे. 18 जनवरी, 1998 को तीसरे फाइनल में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच हुआ था. इस मैच में भारत ने पहले गेंदबाजी की तो पाकिस्तान ने बल्लेबाजी. पाकिस्तान टीम की बल्लेबाजी उस दौर में बहुत मजबूत हुआ करती थी. इस मैच में यह देखने को भी मिला.

पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बारिश से प्रभावित मैच में 48 ओवर में 5 विकेट खोकर 314 बना लिए. इस मैच में भारतीय गेंदबाज एक तरह से फेल हुए थे. इसके चलते पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई की.

खासतौर से ओपनर बल्लेबाज ने इस मैच में भारतीय गेंदबाजों की धुनाई करते हुए 140 रनों की यादगार और उपयोगी पारी खेली थी. उस दौर में 300 से पार का रन एक हौव्वा हुआ करता था. इतने विशाल रन के लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम मानसिक रूप से हार मान लेती थी.

टी-20 के अंदाज में की थी भारत ने शुरुआत 1998 से पहले 300 रनों के लक्ष्य का पीछा कोई भी टीम नहीं कर पाई थी. ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ 315 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत बहुत अच्छी रही.

बतौर ओपनर बल्लेबाजी करते हुए सचिन तेंदुलकर और सौरभ गांगुली ने सिर्फ 8.2 ओवर में ही 71 रन बना लिए. उन्होंने एक तरह से टी-20 स्टाइल में बल्लेबाजी की. सचिन तेंदुलकर 26 गेंदों में तेज रन बनाते हुए आउट हो गए. उन्होंने 26 गेंदों पर 41 रन बनाकर तेज शुरुआत की.

रॉबिन सिंह ने खेली थी 82 रन की पारी सचिन के आउट होने के बाद क्रीच पर आए रॉबिन सिंह ने सौरभ गांगुली का अच्छा साथ दिया. रॉबिन सिंह ने इस मैच में ना केवल तेज गति से रन बनाए बल्कि 82 रन की धमाकेदार पारी भी खेल दी. इससे भारत के जीतने की उम्मीदें भी अधिक हो गई थीं.

एक छोर से बल्लेबाज आउट होते रहे तो दूसरी ओर सौरभ गांगुली ने मोर्चा संभाल रखा था. उन्होंने इस मैच में 138 गेंदों में 124 रन बनाए. हालांकि, सौरभ गांगुली आउट हुए तो भारत को जीत के लिए 41 रनों की दरकार थी. वह 274 रन पर आउट हुए थे.

आखिर ओवर तक चला रोमांच अंतिम ओवर में भारत को जीत के लिए 9 रन चाहिए थे और 3 विकेट उसके पास थे. इस दौरान ऋषिकेश कानिटकर और जवागल श्रीनाथ पिच पर मौजूद थे. पाकिस्तान की तरफ से लास्ट ओवर स्पिनर सकलैन मुश्ताक ने डाला.

ओवर की पहली गेंद पर सिर्फ एक रन बना तो दूसरी बॉल को श्रीनाथ ने हवा में मारा. हालांकि, दोनों बल्लेबाजों भागकर 2 रन बना लिए. इसके बाद 4 गेंद पर 6 रन चाहिए थे. सकलैन मुश्ताक की 5वीं गेंद पर ऋषिकेश कानिटकर ने जोरदार चौका लगातार भारत को मैच जिताया.

📡 स्रोत: NewsData.io

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