राजनीति

280 पंचायतों में आरक्षण तय, 140 सीटें महिलाओं के लिए, गांवों की चौपालों पर चुनावी सरगर्मियां तेज

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 25 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
280 पंचायतों में आरक्षण तय, 140 सीटें महिलाओं के लिए, गांवों की चौपालों पर चुनावी सरगर्मियां तेज

पंचायती राज चुनाव की प्रक्रिया के तहत राजसमंद जिले की 280 ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों के लिए वर्गवार आरक्षण की स्थिति साफ कर दी गई है। लॉटरी व्यवस्था के जरिए तय की गई सूची में जिले की 140 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं, जिससे स्थानीय निकायों में आधा प्रतिनिधित्व महिलाओं का रहेगा।

नई आरक्षण सूची जारी होते ही गांवों के प्रमुख चौराहों और चौपालों पर चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। संभावित उम्मीदवारों के साथ राजनीतिक दलों और स्थानीय दावेदारों ने अपनी रणनीतियां बनानी शुरू कर दी हैं। जिले में अनुसूचित जाति के लिए 36 और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 43 पंचायतें आरक्षित रखी गई हैं।

पंचायती राज व्यवस्था के तहत सरपंच और वार्डपंच के पदों का आरक्षण रोटेशन प्रणाली के जरिए निर्धारित किया जाता है। इस प्रक्रिया में पिछले चुनावों में रहे आरक्षण की पृष्ठभूमि और संबंधित वर्ग की आबादी के आंकड़ों को ध्यान में रखा जाता है। राजस्थान पंचायती राज नियम के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रखने का अनिवार्य प्रावधान है।

राजसमंद पंचायत समिति के अधीन आने वाली 44 ग्राम पंचायतों में से 20 सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित की गई हैं। सामान्य वर्ग के खाते में केलवा, पसूंद, पिपलांत्री कलां, फरारा, बिनोल, बोरज, भाटोली, महा.

मादड़ी, राज्यावास और वणाई पंचायतें आई हैं। वहीं सामान्य महिला वर्ग के लिए एमड़ी, कुंवारिया, खटामला, तासोल, धांयला, पड़ासली, फियावड़ी, बड़ारड़ा, भाणा, मुंडोल, मोही और साकरोदा को तय किया गया है। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में देवपुरा, नोगामा, पिपरड़ा, बामन टुकड़ा, भाणा व सुंदरचा शामिल हैं, जबकि काडा का तालाब, घाटी और पुठोल को ओबीसी महिला वर्ग के लिए रखा गया है।

एससी और एसटी वर्ग की सीटों का बंटवारा: अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लिए आत्मा, जोधपुर और पिपली आचार्यान को रखा गया है, जबकि सथाना, सांगठ कलां और सोनियाणा एससी महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं। इसी तरह अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग में तलाई, मजा नांदोड़ा, मादड़ी देवस्थान और मोरचणा पंचायतें आएंगी, वहीं बड़लिया, लवाणा और सापोल को एसटी महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।

सीटों का यह वर्गीकरण स्पष्ट होने के बाद अब पंचायतों के नए नेतृत्व को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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