मनोरंजन

341 मंदिर समितियों का हुआ सम्मान

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 14 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
341 मंदिर समितियों का हुआ सम्मान

भोपाल। सूरज जनउत्थान सामाजिक संगठन (सजस), भोपाल द्वारा मंदिर समितियों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। विधायक श्री भगवानदास सबनानी जी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन से प्रारंभ हुई मंदिर समितियों के सम्मान की यह पहल लगातार दूसरे वर्ष आयोजित की गई।

समारोह में दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की 341 मंदिर समितियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम समन्वय भवन (सुभाष यादव), अपेक्स बैंक, मालवीय नगर, न्यू मार्केट, भोपाल में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान श्री गणेश जी की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। समारोह में परम पूज्य श्री रामकिशोर द्वाराचार्य निर्गुण दरबार आचार्यबाड़ पीठाधीश्वर जी महाराज, परम पूज्य गुरुदेव श्री सुदेश शांडिल्य जी महाराज एवं परम पूज्य पं. श्री विष्णु राजोरिया जी, अध्यक्ष, परशुराम कल्याण बोर्ड, मध्यप्रदेश शासन का पावन सान्निध्य एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम में भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा जी, विधायक श्री भगवानदास सबनानी जी,श्री हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष श्री चंद्र शेखर तिवारी जी,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्री कृष्णा घाडगे जी सहित जनप्रतिनिधि, मंदिर समितियों के पदाधिकारी, पुजारी एवं बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी नागरिक उपस्थित रहे।

समारोह में भजन प्रस्तुति से वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके पश्चात 341 मंदिर समितियों के पदाधिकारियों एवं पुजारियों को शॉल, श्रीरामचरितमानस एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद स्वरूप फलाहार की व्यवस्था भी की गई।

आयोजन का उद्देश्य मंदिर समितियों द्वारा धर्म, संस्कार, सामाजिक सद्भाव एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में किए जा रहे योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करना तथा विभिन्न मंदिर समितियों को एक मंच पर लाना रहा। वक्ताओं ने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के स्थल नहीं, बल्कि आस्था, संस्कार, संस्कृति, सेवा और सामाजिक समरसता के केंद्र हैं।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

भोजपुर में सूरज जनउत्थान सामाजिक संगठन ने 341 मंदिर समितियों के सम्मान का आयोजन किया, जिसे विधायक भगवानदास सबनानी की प्रेरणा से शुरू किया गया है। यह पहल लगातार दूसरे वर्ष चल रही है, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थानों को मान्यता मिलती है। इस कार्यक्रम से मंदिर समितियों को सामाजिक समर्थन और प्रेरणा मिलती है, जिससे वे अपनी गतिविधियों में अधिक सक्रिय हो पाती हैं। आम जनता के लिए यह एक सकारात्मक संदेश है कि धार्मिक परंपराओं और स्थानीय समाज के बीच समन्वय बढ़ रहा है, जिससे सांस्कृतिक विरासत का संरक्ष

S
Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।