400 साल बाद मिला 26000000000 करोड़ रुपये का खजाना, समुद्र में कैसे डूबा ब्रिटेन का जहाज? अब खुलेगा राज़

14 अप्रैल, 2012 की रात को ऐसी घटना हुई, जिसे अगले सैकड़ों वर्षों तक नहीं भुलाया जा सकेगा.
इतिहास का सबसे प्रसिद्ध ब्रिटिश यात्री जहाज टाइटैनिक (RMS Titanic) 10 अप्रैल 1912 को इंग्लैंड के साउथम्पटन से न्यूयॉर्क के लिए अपनी पहली यात्रा पर निकला था. 3 दिन बाद 14 अप्रैल, 1912 की रात को जहाज एक विशाल हिमखंड (आइसबर्ग) से टकरा गया.
इसके बाद धीरे-धीरे इसमें 15 अप्रैल, 2026 की सुबह अटलांटिक महासागर में डूब गया, जिससे 1,500 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. यह इतिहास की सबसे दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी थी. इससे भी करीब 200 साल पहले इससे मिलता-जुलता हादसा हुआ था.
हुआ यूं कि ब्रिटेन के राजा का खजाना ले जा रहा जहाज 400 साल पहले समुद्र में डूब गया, जिसमें 5 टन सोना-चांदी भरा था. करीब 4 सदी के बाद जहाज का मलबा ढूढ़ने में सफलता मिली है. यह लकड़ी का जहाज बर्नटआइलैंड और लीथ के बीच यात्रा कर रहा था. इस दौरान एक हादसे में 33 यात्रियों और क्रू के सदस्यों की जान चली गई.
इस हादसे में यानी जहाज के डुबने के चलते सिर्फ 2 सदस्य ही जिंदा बचे थे. 17वीं शताब्दी में डूबा था जहाज इतिहासकारों के मुताबिक, 17वीं शताब्दी की शुरुआत में ब्रिटेन के राजा चार्ल्स प्रथम का खजाना लेकर जा रहा जहाज अचानक तूफान में घिरकर फंस गया.
तूफान इतना भीषण था कि जहाज अनियंत्रित होकर समुद्र में डूब गया. कई महीनों तक जहाज तलाश की गई, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली. वहीं, बीच-बीच में तलाश जा रही, लेकिन 400 साल बाद जहाज का मलबा मिलने से इसकी तलाश खत्म हो गई है. 400 साल पहले डूबे इस शाही जहाज का ब्रिटिश खोजकर्ताओं ने पता लगा लिया है.
यह तलाश इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके मलबे में यानी इस जगह के अंदर करोड़ों रुपये की कीमत का खजाना होने की संभावना है. इस जहाज को खोजने के लिए 3 दशक से वॉलंटियर्स की एक टीम लगातार काम कर रही थी. बर्नटआइलैंड शहर से सिर्फ एक मील की दूरी पर शायद इसका मलबा मिला है. कहां डूबा था जहाज?
जुलाई 1633 में चार्ल्स प्रथम के राज्याभिषेक के दौरे के दौरान की हादसा हुआ. चलने के कुछ समय बाद ही ‘ब्लेसिंग ऑफ बर्नटआइलैंड’ जहाज स्कॉटलैंड के पास फर्थ ऑफ फोर्थ (उत्तरी सागर की खाड़ी) में डूब गया. इस जहाज पर दर्जनों लोगों के साथ ही किंग चार्ल्स प्रथम की शाही संपत्ति से जुड़ा बड़ा खजाना मौजूद था.
इसकी वर्तमान में हजारों करोड़ रुपये कीमत है. 5 टन सोना और चांदी थी जहाज में मौजूद तब ब्रिटेश अधिकारियों ने दावा किया था कि जहाज के मलबे में 5 टन तक सोना और चांदी है.
यह भी दावा किया गया है कि हेनरी अष्टम के लिए बनवाया गया डिनर सेट भी जहाज में मौजूद था. इतना ही नहीं, जहाज के डूबने के दौरान शाही सामान की कीमत 100000 पाउंड थी.
यह वर्तमान कई सौ मिलियन पाउंड के बराबर है. 17वीं सदी का यह शाही जहाज स्कॉटलैंड में बर्नटाइलैंड (Burntisland) और लीथ (Leith) के बीच ‘फिर्थ ऑफ़ फोर्थ’ (Firth of Forth) की खाड़ी में डूबा था. यह जुलाई 1633 में राजा चार्ल्स प्रथम के राज्याभिषेक के दौरान एक तूफान में फंसकर पलट गया था, जिसमें वह डूब गया.
📡 स्रोत: NewsData.io