438 बेटियों ने पहनी वर्दी, ली जनसेवा की शपथ
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राजस्थान पुलिस अकादमी में बैच-102 की 438 महिला कॉन्स्टेबल ने देश और जनसेवा की शपथ ली। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा—वर्दी सिर्फ नौकरी नहीं, सेवा, समर्पण, अनुशासन और जिम्मेदारी का संकल्प है।
जयपुर, 5 अक्टूबर। राजस्थान पुलिस अकादमी में सोमवार को नव-प्रशिक्षित कॉन्स्टेबल बैच-102 का दीक्षांत परेड समारोह आयोजित हुआ। समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्रशिक्षण प्राप्त 438 महिला कॉन्स्टेबलों ने देश और जनसेवा की शपथ ली। पासिंग आउट परेड के दौरान परिजनों ने तालियों और भावुक पलों के साथ बेटियों का उत्साह बढ़ाया।
मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक राजस्थान राजीव कुमार शर्मा ने परेड का निरीक्षण कर नवप्रशिक्षित महिला कॉन्स्टेबलों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी को केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का माध्यम समझना चाहिए। दीक्षांत प्रशिक्षण का अंत नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, अनुशासन और उत्तरदायित्व की नई शुरुआत है।
डीजीपी ने बताया कि गृह मंत्रालय के नए मॉडल सिलेबस के अनुरूप प्रशिक्षण देकर पुलिसकर्मियों को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और आधुनिक पुलिसिंग के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने नए आपराधिक कानूनों का गहन अध्ययन करने और जांच में डिजिटल साक्ष्यों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मादक पदार्थों की तस्करी, ड्रोन के जरिए तस्करी, अवैध हथियार, संगठित अपराध, फर्जी खबरें और डीपफेक जैसी नई चुनौतियां पुलिस के सामने हैं। ऐसे में जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है। महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती भागीदारी से कानून व्यवस्था, सामुदायिक पुलिसिंग और महिलाओं-बच्चों के प्रति पुलिस की पहुंच को मजबूती मिली है।
डीजीपी ने पुलिस थानों को ‘सेवा केंद्र’ के रूप में विकसित करने की बात कही। उन्होंने पुलिसकर्मियों से नागरिकों की शिकायतें संवेदनशीलता से सुनने और बुजुर्गों, दिव्यांगों, महिलाओं व कमजोर वर्गों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला कॉन्स्टेबलों को सम्मानित किया गया। प्रियंका बेनीवाल को सर्वश्रेष्ठ ऑल राउंडर एवं सर्वश्रेष्ठ ड्रिल, राशिका मीना को सर्वश्रेष्ठ इंडोर, भारती शर्मा को सर्वश्रेष्ठ आउटडोर, निधि शेखावत को सर्वश्रेष्ठ फायरिंग और रविना को सर्वश्रेष्ठ कंप्यूटर विषय के लिए पुरस्कार दिया गया। उत्कृष्ट प्रशिक्षण के लिए निरीक्षक नितेश शर्मा और पुलिस निरीक्षक मीना वर्मा को भी सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान उत्कृष्ट पुलिसिंग और उल्लेखनीय कार्यों के लिए पुलिसकर्मियों को डीजीपी डिस्क प्रदान की गई। कार्यक्रम में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षक, पुलिसकर्मी और नवप्रशिक्षित महिला कॉन्स्टेबलों के परिजन मौजूद रहे।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
राजस्थान पुलिस अकादमी में बैच-102 के 438 महिला कॉन्स्टेबलों ने वर्दी पहनकर जनसेवा की शपथ ली। यह घटना महिलाओं के कानून प्रवर्तन में बढ़ते योगदान को दर्शाती है। इसकी महत्ता इसलिए है क्योंकि यह पारंपरिक पुरुष-प्रधान क्षेत्र में लैंगिक समानता को बढ़ावा देता है और समाज में महिलाओं की भूमिका को सुदृढ़ करता है। जनता के लिए इसका प्रभाव प्रेरणादायक है, जिससे युवा महिलाएँ भी पुलिस या अन्य सार्वजनिक सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित होंगी, और समाज में सुरक्षा व न्याय की भावना मजबूत होगी।
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
438 बेटी-धारी पुलिसकर्मी वर्दी पहनकर जनसेवा की शपथ ले रही हैं, यह दिखाता है कि जब महिलाएँ अपने अधिकारों और कर्तव्यों को स्वीकार करती हैं, तो समाज में समानता और सुरक्षा की नींव मजबूत होती है। यह उदाहरण हमें प्रेरित करता है कि हम सभी को समान अवसर दें, चाहे लिंग, वर्ग या स्थान कोई भी हो। जब हर किसी को अपनी क्षमता दिखाने का मंच मिलता है, तो समाज का विकास तेज़ी से होता है।