राज्य

48 हजार के कथित फर्जी ऋण को लेकर कलेक्टर से शिकायत, किसान ने सोसायटी प्रबंधक पर लगाए गंभीर आरोप

लेखक: Kuldeep Sharma अंतिम अपडेट: 15 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
48 हजार के कथित फर्जी ऋण को लेकर कलेक्टर से शिकायत, किसान ने सोसायटी प्रबंधक पर लगाए गंभीर आरोप

शिवपुरी। कोलारस तहसील के ग्राम पिपरौदा बुजुर्ग निवासी किसान देवीचरण लोधी ने प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मर्यादित पचावली से जुड़े कथित फर्जी ऋण को लेकर कलेक्टर से शिकायत की है।

किसान ने आरोप लगाया है कि उसने खाद-बीज के लिए 32 हजार रुपए का ऋण लिया था, जिसकी पूरी राशि 12 अप्रैल 2021 को अनाज खरीदी केंद्र पर उपज बेचने के दौरान काट ली गई थी। इसके बावजूद अब उसके नाम करीब 48 हजार रुपए का कर्ज बताया जा रहा है।

किसान के अनुसार, बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाने पर 15 फरवरी 2020 को 48,140 रुपए की राशि चेकबुक के माध्यम से निकाले जाने की जानकारी सामने आई। देवीचरण का आरोप है कि उसने न तो यह ऋण लिया और न ही इस राशि के बदले खाद-बीज प्राप्त किए। उसने दावा किया कि उसके नाम कथित रूप से फर्जी चेकबुक जारी कर फर्जी हस्ताक्षर के जरिए राशि निकाली गई।

देवीचरण लोधी ने कलेक्टर को दिए आवेदन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही किसान के नाम दर्ज कथित ऋण को निरस्त कराने तथा उसे दोबारा खाद-बीज उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

किसान देवीचरण लोधी ने शिवपुरी के कोलारस तहसील में प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मर्यादित पचावली से 32 हजार रुपए के ऋण के फर्जी होने का दावा किया और कलेक्टर से शिकायत की। उन्होंने बताया कि 12 अप्रैल 2021 को अनाज खरीदी केंद्र पर उपज बेचते समय यह राशि काट ली गई, फिर भी अब उनके नाम पर लगभग 48 हजार रुपए का कर्ज दर्ज है। यह विषय ग्रामीण वित्तीय पारदर्शिता और सहकारी संस्थाओं के कर्ज प्रबंधन पर प्रकाश डालता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सहकारी ऋण प्रणाली में संभावित दुरुपयोग और कर्ज के गलत लेखांकन

K
Kuldeep Sharma

कुलदीप शर्मा पिछोर, शिवपुरी के वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो लंबे समय से जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों को अपनी पत्रकारिता के माध्यम से सामने लाते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाते हैं