60 वर्ष की उम्र में भी प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका, सिंचाई और जल संसाधन क्षेत्र में सेवाओं की रामजी उदवाल की लंबी पारी
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अशोकनगर जिले के ग्राम ईसिला से निकले रामजी उदवाल ने ग्रामीण परिवेश से शुरू किया सफर, विभिन्न जिम्मेदारियों के साथ किया प्रदेश के विकास में योगदान
अशोकनगर। अशोकनगर जिले की शाढोरा तहसील के ग्राम ईसिला में 5 सितंबर 1966 को जन्मे रामजी उदवाल का जीवन संघर्ष, शिक्षा और शासकीय सेवा के माध्यम से प्रदेश के विकास में योगदान की प्रेरक यात्रा रहा है।
ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े रामजी उदवाल ने कठिन परिस्थितियों के बीच शिक्षा हासिल की और आगे चलकर विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सिंचाई एवं जल संसाधन से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीण और साधारण पारिवारिक परिवेश में प्रारंभिक जीवन बिताने वाले रामजी उदवाल ने स्थानीय स्तर पर शिक्षा प्राप्त की।
उपलब्ध विवरण के अनुसार वर्ष 1971 में उन्होंने ग्राम ईसिला के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा शुरू की। ग्रामीण परिवेश में पढ़ाई के सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने निरंतर अध्ययन जारी रखा और आगे की शिक्षा के लिए प्रयास किए। शिक्षा के दौरान उन्होंने अनेक चुनौतियों का सामना किया।
वर्ष 1979 में कक्षा आठवीं के बाद की पढ़ाई के दौरान आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों से जुड़े संघर्षों के बावजूद उन्होंने शिक्षा नहीं छोड़ी। वर्ष 1980 में बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़े।
उपलब्ध विवरण के अनुसार वर्ष 1981 में उन्होंने कक्षा 10वीं की शिक्षा पूरी की और आगे अध्ययन जारी रखा। शासकीय सेवा में आने के बाद रामजी उदवाल ने विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 1984 में उन्होंने संबंधित परीक्षा उत्तीर्ण कर पीईटी के बाद तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में प्रवेश किया।
वर्ष 1988 में इंजीनियरिंग डिप्लोमा की शिक्षा पूरी करने के बाद वर्ष 1990 में शासकीय सेवा में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने सिंचाई एवं जल संसाधन से जुड़े विभिन्न कार्यों में अपनी सेवाएं दीं।
सेवा अवधि के दौरान उन्होंने क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, जल संरचनाओं और विकास कार्यों से जुड़े दायित्वों का निर्वहन किया। वर्ष 1994 में उपखंड स्तर की जिम्मेदारी संभालने के साथ उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में योगदान दिया।
उपलब्ध विवरण के अनुसार वर्ष 2002 से जिला स्तर पर विकास कार्यों से जुड़ी जिम्मेदारियां भी निभाईं और सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से किसानों तक पानी पहुंचाने के प्रयासों में भूमिका निभाई। उनकी कार्ययात्रा का एक महत्वपूर्ण पक्ष किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ा रहा।
सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग से कृषि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने वाले कार्यों में उन्होंने अपनी भूमिका निभाई। इसी कारण उनके सेवाकाल को ग्रामीण विकास और किसानों से जुड़े कार्यों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जाता है। 5 सितंबर 2026 को रामजी उदवाल अपने जीवन के 60 वर्ष पूरे कर रहे हैं।
छह दशक की इस जीवन यात्रा में ग्रामीण परिवेश से निकलकर शिक्षा हासिल करने, तकनीकी क्षेत्र में प्रवेश करने और शासकीय सेवा के माध्यम से प्रदेश के विकास में योगदान देने का उनका सफर संघर्ष और निरंतर प्रयास की कहानी है।