68 निर्वाचन क्षेत्रों में बंटा है हिमाचल प्रदेश: पठानिया
अगस्त 24, शिमला (हिमाचल प्रदेश): आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही देखने आए हि.प्र. विश्वविद्यालय के राजनीतिक विभाग के छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए हि.प्र. विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सम्पूर्ण हिमाचल प्रदेश 1972 तथा 2007 के परिसीमन के तहत 68 निर्वाचन क्षेत्रों में बंटा हुआ है जिसमें सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति की सीटें भी शामिल हैं।
छात्र-छात्राओं से संवाद के दौरान पठानिया ने सवाल किया कि विधान सभा क्या है और विधानसभा क्या कार्य करती है।
जिसके जवाब में सभी छात्र-छात्राओं ने एक स्वर में कहा कि विधान सभा चुने हुए प्रतिनिधियों का सदन है जो विधानसभा का गठन करते हैं तथा विधान सभा के पास कानून बनाने का अधिकार है जिसको बनाने में देश के संविधान ने उन्हें अधिकृत किया है।
पठानिया ने कहा कि जिस दल की संख्या आवश्यक बहुमत से अधिक होती है वह सरकार का गठन करता है जिसका मुखिया मुख्यमंत्री होता है। मुख्यमंत्री कैबिनेट का गठन करते हैं जिसकी हि.प्र. में अधिकतम सीमा मुख्यमंत्री समेत 12 निर्धारित है। इसके अतिरिक्त विधान सभा अध्यक्ष का चुनाव चुने हुए विधान सभा सदस्यों द्वारा किया जाता है।
विधान सभा अध्यक्ष दोनों पक्षों में सामांजस्य बिठाकर सत्र का संचालन करते हैं। उनका मुख्य कार्य कार्यवाही को निष्पक्ष, व्यवस्थित और नियमों के अनुसार संचालित करना है। विधान सभा में विधान सभा अध्यक्ष सदन का सर्वोच्च, संवैधानिक और प्रशासनिक प्रमुख होता है।
विधान सभा अध्यक्ष सदन की कार्यसूचि और बहस को निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ाता है। वह यह तय करता है कि कौन सा विषय कब चर्चा के लिए लिया जाएगा और सदस्यों को बोलने की अनुमति देता है। सदन में अनुशासनहीनता की स्थिती में अध्यक्ष आवश्यक कार्रवाई भी कर सकता है।
इस प्रकार वह सदन की गरिमा और मर्यादा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।