'700 जैन मुनियों की रक्षा से जुड़ा है रक्षाबंधन':लखनऊ में वीहसंत सागर ने दिए प्रवचन, बोले- राजा बलि के मंत्री ने संकट में डाल दिया था
लखनऊ के आशियाना दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे वर्षायोग के दौरान गुरुवार को उपाध्याय वीहसंत सागर महाराज ने धार्मिक कार्यक्रम कराए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से पूजा-अर्चना की और उनसे प्रवचन सुने।
वीहसंत सागर महाराज ने कहा कि जैन परंपरा में रक्षाबंधन विष्णुकुमार मुनिराज द्वारा 700 मुनियों की रक्षा किए जाने की घटना से जुड़ा माना जाता है। कथा के अनुसार राजा बलि के मंत्री ने 700 मुनियों पर संकट खड़ा कर दिया था। उस समय विष्णुकुमार मुनिराज ने अपने तप और शक्ति के प्रभाव से मुनियों की रक्षा की।
इसी घटना की स्मृति में रक्षाबंधन पर्व मनाने की परंपरा मानी जाती है। व्यस्त रहेंगे तो मस्त रहेंगे उपाध्याय वीहसंत सागर महाराज ने कहा कि हर वक्त व्यस्त रहोगे, तभी मस्त रहोगे। जीवन में परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं। बुरे समय में व्यक्ति को धैर्य रखना चाहिए, क्योंकि बुरे वक्त का भी बुरा वक्त आता है।
इसलिए कठिन समय भी गुजर जाता है। उन्होंने कहा कि सुख-दुख जीवन का हिस्सा हैं। हर परिस्थिति में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। आज की पीढ़ी अपने दुख से ज्यादा दूसरों के सुख से परेशान है। व्यक्ति यह सोचकर दुखी होता है कि पड़ोसी इतना सुखी क्यों है।
दूसरों के सुख की चिंता में वह अपना दुख भी भूल जाता है। 70 परिवारों ने की मुनिराज के आहार की व्यवस्था आशियाना जैन मंदिर में रक्षाबंधन और वासुपूज्य भगवान के पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। करीब 70 परिवारों ने मिलकर मुनिराज के आहार की व्यवस्था की।
श्रद्धालुओं ने धार्मिक कार्यक्रमों में भक्तिभाव से सहभागिता की। सिद्धार्थ जैन ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व पर सुबह 9 बजे विशेष प्रवचन होगा। इसके बाद सुबह 10 बजे आहारचर्या होगी। सभी कार्यक्रम आशियाना दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित किए जाएंगे।
📡 स्रोत: NewsData.io