75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा के तहत आज ”डेरी गड़ाई” रस्म का आयोजन किया जाएगा
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
बस्तर, 24 सितंबर 2026
75 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के तहत आज गुरूवार को ”डेरी गड़ाई” रस्म का आयोजन जगदलपुर के सिरहासार भवन में पारंपरिक विधि-विधान से किया जाएगा। परंपरानुसार बस्तर जिले के ग्राम बिलोरी से जंगल से ग्रामीण साल पेड़ के दो विशेष काष्ठ स्तंभ लेकर सिरहासार पहुंचेंगे, जिन्हे विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना के बाद अलग-अलग दो स्थलों पर स्तंभ के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसी को ही डेरी विधान कहा जाता है।
गौरतलब हो कि इस ड़ेरी गड़ाई रस्म के बाद बस्तर दशहरा के लिए विशालकाय दोमंजिला रथ का निर्माण कार्य शुरू हो जाता है।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
बस्तर दशहरा के दौरान आज "डेरी गड़ाई" रस्म का आयोजन किया गया है। यह रस्म बस्तर जिले के पारंपरिक धार्मिक कार्यक्रमों का हिस्सा है, जिसमें ग्रामीण बिलोरी से दो विशेष काष्ठ स्तंभ लेकर सिरहासार भवन में पूजा अर्चना के बाद स्थापित किये जाते हैं। यह विषय बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक परंपरा को दर्शाता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दशहरे के 75 दिनों के दौरान होने वाले प्रमुख अनुष्ठानों में से एक को उजागर करती है, जिससे क्षेत्रीय पहचान और सांस्कृतिक गर्व को बढ़ावा मिलता है। आम जनता पर इसका असर स