राजनीति

80 साल की दादी खुद पहुंचीं उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को आशीर्वाद देने, स्नेह के इस पल ने छू लिया सबका दिल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 7 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
80 साल की दादी खुद पहुंचीं उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को आशीर्वाद देने, स्नेह के इस पल ने छू लिया सबका दिल

भोपाल, 7 अक्टूबर 2026। रीवा में बुधवार को जनसेवा के एक कार्यक्रम के दौरान आत्मीयता और स्नेह से भरा ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। 80 वर्षीय दादी उम्र के इस पड़ाव पर भी स्वयं कार्यक्रम स्थल पहुंचीं और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को स्नेहपूर्वक आशीर्वाद दिया।

दादी का इस तरह विशेष रूप से कार्यक्रम स्थल पहुंचकर राजेंद्र शुक्ल को आशीर्वाद देना वहां मौजूद लोगों के लिए भावुक क्षण बन गया। उम्र की इस अवस्था में भी उनके कदमों का कार्यक्रम स्थल तक पहुंचना और अपनेपन के साथ आशीर्वाद देना पूरे माहौल में आत्मीयता का भाव भर गया।

जब दादी ने राजेंद्र शुक्ल के प्रति अपना स्नेह व्यक्त करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया, तो यह मुलाकात महज एक औपचारिक भेंट नहीं रही। उनके स्नेह में अपनापन और आत्मीयता का भाव दिखाई दिया, जबकि राजेंद्र शुक्ल ने भी बुजुर्ग दादी के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में मिलने वाले ऐसे क्षण अक्सर औपचारिकताओं से अलग मानवीय रिश्तों की गर्माहट को सामने लाते हैं। 80 वर्षीय दादी का स्वयं पहुंचना और स्नेहपूर्वक आशीर्वाद देना भी ऐसा ही भावुक पल रहा, जिसने कार्यक्रम की गंभीरता के बीच अपनत्व की एक अलग तस्वीर पेश की।

दादी का आशीर्वाद राजेंद्र शुक्ल के लिए भी आत्मीय क्षण रहा। कुछ ही पलों की यह मुलाकात वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। बुजुर्ग दादी का स्नेह और आशीर्वाद जनप्रतिनिधि और आमजन के बीच संवाद और अपनत्व की भावपूर्ण झलक के रूप में सामने आया।

रीवा के कार्यक्रम में सामने आया यह दृश्य लंबे समय तक याद रहने वाला रहा—एक 80 वर्षीय दादी का स्नेह, आशीर्वाद के लिए खुद कार्यक्रम स्थल तक पहुंचना और राजेंद्र शुक्ल के प्रति उनका अपनापन।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

80 वर्ष की दादी ने स्वयं उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को आशीर्वाद दिया, यह दृश्य कार्यक्रम में उपस्थित सभी को भावुक कर गया। यह घटना बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी और राजनीतिक नेताओं के प्रति सम्मान को दर्शाती है। ऐसे क्षण से समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और सक्रिय सहभागिता की भावना बढ़ती है, जिससे वृद्धावस्था में भी समाज में योगदान का महत्व स्पष्ट होता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।