8th Pay Commission: 2.0- 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर कितनी बढ़ सकती है सैलरी?

8th Pay Commission: 8वां वेतन आयोग की सिफारिशों का कर्मचारी वर्ग काफी समय से इंतजार कर रहा है. लगातार हो रही बैठकों के बीच जल्दी ही लगता है कि जल्द ही कर्मचारियों को सैलरी हाइक होने वाली है. बैठकों के बाद अब आयोग सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स से बातचीत शुरू करने वाला है.
आयोग 31 अगस्त से सितंबर 2026 के बीच जयपुर, चेन्नई और पुडुचेरी में कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के साथ बैठक करेगा. आयोग को अपनी रिपोर्ट मई 2027 तक सौंपनी है. इसी बीच कर्मचारियों की नजर फिटमेंट फैक्टर पर टिकी हुई है. तो आइये जानते हैं कि फिटमेंट फैक्टर के मुताबिक कर्मचारियों की बेसिक सैलरी कितनी हो सकती है.
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर? सबसे पहले तो ये जान लेते हैं कि फिटमेंट फैक्टर क्या होता है.
ये एक ऐसा गुणक होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है. 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था. 8वें वेतन आयोग के लिए कई कर्मचारी और पेंशनर संगठन 3.8 से ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं.
नेशनल काउंसिल-JCM ने 3.833, जबकि भारतीय रक्षा मजदूर संघ ने 4.0 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है. हालांकि कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार 8वें वेतन आयोग में 2.0 से 2.50 के बीच फिटमेंट फैक्टर रख सकती है. तो आइये जानते हैं इसके मुताबिक कितनी सैलरी हो सकती है.
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जैसे 7वें वेतन आयोग के तहत लेवल-5 कर्मचारी की बेसिक सैलरी 29,200 रुपये है. अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.0 से 2.57 के बीच हुआ तो कितनी सैलरी बढ़ सकती है. जैसे: 2.0 फिटमेंट फैक्टर हुआ तो बेसिक सैलरी 58,400 रुपये हो सकती है. 2
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar