8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर 2.57 बनाम 2.86, कितने हजार का फर्क पड़ेगा?
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8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है. अभी 2.57 और 2.86 जैसे आंकड़ों पर अलग-अलग कैलकुलेशन सामने आ रहे हैं.
फिलहाल अभी 8वें वेतन आयोग ने अभी इनमें से किसी भी फिटमेंट फैक्टर को फाइनल नहीं किया है.
लेकिन अगर इन दोनों में कोई भी लागू हो जाता है तो सैलरी में काफी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी.
अब सवाल ये है कि अगर 2.57 की जगह 2.86 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो कर्मचारी की बेसिक सैलरी में कितने हजार रुपये का अंतर आएगा?
यहां से फिटमेंट फैक्टर और बेसिक सैलरी का पूरा हिसाब समझ सकते हैं.
फिटमेंट फैक्टर क्या है?
फिटमेंट फैक्टर के आधार पर ही नए वेतन आयोग में मौजूदा बेसिक पे में बढ़ोतरी होती है.
जैसे अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 18000 रुपए है और फिटमेंट फैक्टर 2.57 लागू हो जाए तो 46260 रुपए और वहीं अगर फिटमेंट फैक्टर 2.86 होता है तो 51480 रुपए का बेसिक पे होगा.
18000 बेसिक वालों को कितना फायदा?
अभी हम 18000 रुपए बेसिक पे वालों की ही बात कर रहे थे.
तो 18000 रुपए वालों के लिए 2.86 फिटमेंट फैक्टर होने पर 2.57 के मुकाबले 5220 ज्यादा बेसिक पे बनेगी. साल के हिसाब से देखें तो 62,640 रुपए ज्यादा बेसिक पे बनेगी.
सैलरी और बेसिक पे एक ही है?
नहीं.
फिटमेंट फैक्टर सीधे बेसिक पे पर लागू होता है और कर्मचारी की हाथ में आने वाली पूरी सैलरी सिर्फ बेसिक पे नहीं तो होती नहीं है. इस सैलरी में DA, HRA और दूसरे भत्ते भी शामिल होते हैं.
नए वेतन आयोग के लागू होने पर DA को लेकर भी कुछ बदलाव होंगे ही और HRA समेत कई दूसरे भत्ते भी नए बेसिक के हिसाब से बदले जा सकते हैं.
इसलिए बेसिक पे में 5220 रुपए का अंतर होने का मतलब ये नहीं है कि हर कर्मचारी की इन हैंड सैलरी भी एकदम से 5220 रुपए बढ़ ही जाएगा.
लेवल 4 कर्मचारी के लिए कितना फर्क?
लेवल 4 कर्मचारी की मौजूदा बेसिक 25500 रुपए है, तो 2.57 और 2.86 के बीच अं
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar