8th Pay Commission: फिर उठी DA की 3 पुरानी मांगें, यूनियनों का नया दांव
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8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार केंद्रीय कर्मचारी बड़ी ही बेसब्री से कर रहे हैं.
इसकी रिपोर्ट आने में अभी समय है, ऐसे में कर्मचारी संगठन अपनी मांगे आयोग के सामने रख रहे हैं.
हाल ही में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स संगठनों ने महंगाई भत्ते (DA) को लेकर 3 पुरानी मांगों को दोबारा से सामने रखा है.
कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि DA में हर 3 महीने में बदलाव किया जाए, 25% से ज्यादा होने पर इसे बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाए और महंगाई भत्ते को इनकम टैक्स से छूट दी जाए.
इन मांगों को 8वें वेतन आयोग के सामने रखा गया है. हालांकि अभी तक सरकार ने इनमें से किसी भी मांग को मंजूरी नहीं दी है.
क्या है कर्मचारी संगठनों की मुख्य तीन मांगे
8वें वेतन आयोग की बैठकों का दौर जारी है, अलग- अलग राज्यों में कई बैठकें हो रही हैं.
पिछले कुछ महीनों में आयोग ने दिल्ली, पश्चिम बंगाल, लद्दाख और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैठकें की हैं.
इन बैठकों में कर्मचारी संगठनों ने महंगाई भत्ते से जुड़ी तीन पुरानी मांगें फिर उठाया हैं. आइये जानते हैं क्या हैं ये तीन मांगें:
हर 6 महीने की जगह 3 महीने में बढ़े DA
फिलहाल केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में साल में दो बार बदलाव किया जाता है.
ये बदलाव आमतौर पर 1 जनवरी और 1 जुलाई से लागू होते हैं. महंगाई के आंकड़ों के आधार पर DA बढ़ाने का फैसला लिया जाता है.
लेकिन कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि महंगाई भत्ते में हर तीन महीने में बदलाव किया जाए.
DA 25% होने पर बेसिक सैलरी में जोड़ने की मांग
कर्मचारी संगठनों की दूसरी मांग है कि जब महंगाई भत्ता 25% से ज्यादा हो जाए, तो उसे बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाए.
फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशंस (FNPO) ने 8वें वेतन आयोग को दिए अपने ज्ञापन में ये मांग रखी है.
संगठन चाहता है कि DA को बेसिक सैलरी में और पेंशनर्स के DR को बेसिक पेंशन में जोड़ा जाए, जब इसकी दर 25% से ऊपर पहुंच जाए.
महंगाई भत्ते को इनकम टैक
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar