मनोरंजन

90 के दशक में अलका याग्निक को क्यों मिले सबसे ज्यादा गाने? रमेश तौरानी ने किया खुलासा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 12 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
90 के दशक में अलका याग्निक को क्यों मिले सबसे ज्यादा गाने? रमेश तौरानी ने किया खुलासा

म्यूजिक प्रोड्यूसर रमेश तौरानी ने हाल ही में बताया कि 1990 के दशक में प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक हिंदी सिनेमा की सबसे ज्यादा डिमांड वाली आवाजों में से एक कैसे बनीं.

उन्होंने खुलासा किया कि अनुराधा पौडवाल के फिल्मों के लिए गाना बंद करने और टी-सीरीज पर ध्यान देने के फैसले से अलका याग्निक को कैसे फायदा हुआ.

रमेश तौरानी ने किया खुलासा

हाल ही में फिल्ममेकर रमेश तौरानी, कुमार के साथ ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा के पॉडकास्ट 'गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज' में शामिल हुए थे.

इस दौरान उन्होंने दिग्गज प्लेबैक सिंगर्स के बारे में बात की.

अलका याग्निक की बढ़ती पॉपुलैरिटी के बारे में बात करते हुए रमेश तौरानी ने कहा, 'उस समय लता जी और आशा जी पहले से ही स्थापित थीं.

जब हम म्यूजिक बनाते थे, तो हमारी पहली पसंद लता जी होती थीं, उसके बाद अलका और अनुराधा आती थीं.'

उन्होंने बताया, 'बात ये थी कि 90 के दशक में जब शानू, अनुराधा पौडवाल, अलका याग्निक और उदित नारायण जैसे नए सिंगर्स आए, तो इन चारों ने खूब नाम कमाया. 'कयामत से कयामत तक', 'आशिकी', 'साजन' और 'फूल और कांटे' हिट हुईं और इनके गाने सुपरहिट हो गए.'

अलका याग्निक को कैसे मिले सबसे ज्यादा गाने?

उन्होंने आगे कहा, 'उस समय ये माना जाता था कि अनुराधा पौडवाल नई लता मंगेशकर हैं, जबकि अलका याग्निक नई आशा भोसले बन गई थीं.

खुशकिस्मती से, अनुराधा जी ने फिल्मों के लिए गाना बंद कर दिया और खुद को टी-सीरीज तक सीमित कर लिया.

इससे अलका जी को फायदा हुआ, क्योंकि उन्हें लता जी और आशा जी, दोनों तरह के गाने मिलने लगे, चाहे वे सोलो हों, डुएट हों या शायरी वाले गाने.

उस समय हालात ऐसे थे कि उदित, सानू और सोनू के बीच अलका जी को सबसे ज्यादा गाने मिल रहे थे.'

करियर के चरम अनुराधा पौडवाल ने प्लेबैक सिंगिंग से बनाई दूरी </s

📡 स्रोत: ABP Live Film

📰 पूरी खबर पढ़ें (ABP Live Film पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।