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90 फीसदी वक्फ संपत्तियों पर कब्जे के आरोप, यतीमखाने की जमीन को लेकर विवाद गहराया

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 31 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
90 फीसदी वक्फ संपत्तियों पर कब्जे के आरोप, यतीमखाने की जमीन को लेकर विवाद गहराया

यतीम बच्चों पर संकट, मेले की आय को लेकर वक्फ बोर्ड और संस्था आमने-सामने

भोपाल। प्रदेश में वक्फ संपत्तियों पर कथित अवैध कब्जों के मुद्दे के बीच राजधानी भोपाल स्थित दारुल शफ़क्कत यतीमखाना की संपत्ति को लेकर विवाद गहरा गया है। आरोप है कि वक्फ बोर्ड द्वारा यतीमखाने की संपत्ति पर अपना अधिकार जताते हुए यहां संचालित होने वाले सालाना मेले से होने वाली आय पर भी निगरानी की मांग की जा रही है।

संस्था का कहना है कि मेले से प्राप्त राशि यतीम बच्चों की देखभाल में खर्च होती है।

आय को लेकर शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, संस्था द्वारा आयोजित वार्षिक मेले में दुकानों का आवंटन किया जाता है। इससे प्राप्त आय यतीमखाने में रहने वाले बच्चों की जरूरतों पर खर्च की जाती रही है। इसी आय को लेकर वक्फ बोर्ड और संस्था के बीच विवाद की स्थिति बनी है। पूर्व में इस संबंध में एक कमेटी गठित किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

पूर्व अध्यक्ष पर आरोप, यतीमखाना भी विवाद में

सूत्रों के अनुसार, वक्फ बोर्ड ने संस्था की संपत्ति को अपनी संपत्ति बताते हुए बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष शाहिद अलीम पर चंदा निगरानी की राशि जमा नहीं करने का आरोप लगाया है। इसी मामले में करीब 29 करोड़ रुपये की राशि से जुड़े आरोपों को लेकर प्राथमिकी दर्ज होने की बात कही गई है।

वहीं, संस्था का पक्ष है कि इस विवाद का असर अब यतीमखाने और वहां रहने वाले बच्चों पर पड़ रहा है।

हाईकोर्ट के आदेश को लेकर सवाल

मामला पूर्व में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। संस्था से जुड़े लोगों का दावा है कि अदालत ने यतीमखाने की व्यवस्था में हस्तक्षेप नहीं करने के संबंध में स्थगन आदेश जारी किया है। इसके बावजूद हाल में परिसर के एक हिस्से में कथित तौर पर तालेबंदी और कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया गया है।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

संस्था से जुड़े लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि संपत्ति विवाद का खामियाजा यतीम बच्चों को नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने अदालत के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने और बच्चों की सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने की मांग प्रशासन से की है।

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।