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आदित्यपुर गोलीकांड में दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने किया मामले का खुलासा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
आदित्यपुर गोलीकांड में दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने किया मामले का खुलासा

आदित्यपुर थाना क्षेत्र में गोलीबारी मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज ने बताया कि अवैध कारोबार के धन के बंटवारे को लेकर विवाद में हुई थी फायरिंग।

Short Headline: आदित्यपुर गोलीकांड में दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने किया मामले का खुलासा

28 सितंबर, सरायकेला-खरसावां: आदित्यपुर थाना क्षेत्र की मुस्लिम बस्ती में 25 सितंबर की रात हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज ने प्रेस वार्ता कर मामले की जानकारी दी।

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनुभव भारद्वाज ने बताया कि कल्लू खान के घर पर कुछ लोगों के बीच विवाद के दौरान फायरिंग हुई थी, जिसमें अब्दुल जाफर घायल हो गया था। गोली उसके सिर को छूते हुए निकल गई थी। घायल को इलाज के लिए जमशेदपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

घटना के बाद आदित्यपुर थाना में कांड संख्या 269/2026 दर्ज कर विशेष जांच टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और छापेमारी के आधार पर पुलिस ने 19 वर्षीय डब्लू महतो उर्फ पद्मलोचन को ओडिशा से गिरफ्तार किया। इसके बाद प्रकाश चंद्र नायक उर्फ कालिया को भी गिरफ्तार किया गया।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को अवैध कारोबार से प्राप्त धन के बंटवारे को लेकर विवाद की जानकारी मिली है। पुलिस घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

एसडीपीओ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी प्रकाश चंद्र नायक उर्फ कालिया ओडिशा के नयागढ़ जिले के ओड़गांव थाना क्षेत्र का रहने वाला है और उसका आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस के मुताबिक वह पूर्व में हत्या और लूट के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट चुका है।

मामले के अन्य नामजद आरोपियों कादिम खान और शेख अजहरुद्दीन की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की है तथा घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।

बाइट: अनुभव भारद्वाज, एसडीपीओ, सरायकेला

💡 पृष्ठभूमि (Background)

आदित्यपुर थाना क्षेत्र की मुस्लिम बस्ती में 25 सितंबर को हुई गोलीबारी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह घटना अवैध व्यापार के धन के बंटवारे को लेकर विवाद के कारण हुई थी। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह स्थानीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति को उजागर करती है तथा पुलिस की त्वरित कार्रवाई को दर्शाती है। यदि ऐसे घटनाक्रम सामान्य हो जाएँ तो जनता में भय और अविश्वास बढ़ सकता है, जिससे समाज में अस्थिरता और निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

आदित्यपुर गोलीकांड से हमें यह सिखने को मिलता है कि किसी भी विवाद का समाधान हिंसा से नहीं, संवाद और कानूनी मार्ग से होना चाहिए। जब धन या रिश्तों पर मतभेद हों, तो अदालत या मध्यस्थता की ओर रुख करें, जिससे समाज में शांति और न्याय बना रहे। पीड़ितों के प्रति सहानुभूति रखें और सभी को यह याद दिलाएँ कि सहिष्णुता और संयम ही स्थायी समृद्धि का आधार है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।