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आगामी नवरात्रों में शुरू होगा श्री चिंतपूर्णी मंदिर सौंदर्यीकरण परियोजना का कार्य: मुकेश अग्निहोत्री

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
आगामी नवरात्रों में शुरू होगा श्री चिंतपूर्णी मंदिर सौंदर्यीकरण परियोजना का कार्य: मुकेश अग्निहोत्री

करीब 206 करोड़ रुपये की लागत से होगा मंदिर का सौंदर्यीकरण, सभी औपचारिकताएं पूरी

सितंबर 28, ऊना (हिमाचल प्रदेश): माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के भव्य सौंदर्यीकरण एवं विस्तारीकरण का कार्य आगामी नवरात्रों में आधारशिला रखने के साथ शुरू होगा। करीब 206 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से मंदिर परिसर को श्रद्धालुओं की सुविधा और बेहतर व्यवस्थाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि परियोजना से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। उपमुख्यमंत्री ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की तथा हवन-यज्ञ में भाग लिया। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर हिमाचल प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है और हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

मंदिर परिसर का विकास श्रद्धालुओं की सुविधा, बेहतर व्यवस्थाओं और धार्मिक पर्यटन को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरा होने से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार होगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि माता चिंतपूर्णी, माता नैना देवी, बाबा बालक नाथ सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थल गहरी आस्था के केंद्र होने के साथ-साथ समृद्ध धार्मिक विरासत के प्रतीक हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के ये प्रमुख मंदिर अपनी धार्मिक आस्था के साथ-साथ समृद्ध संसाधनों के लिए भी विशेष पहचान रखते हैं। इनकी समृद्ध विरासत और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग मंदिरों के विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और बेहतर प्रबंधन के लिए उचित एवं पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चिंतपूर्णी में प्रस्तावित रोप-वे परियोजना को लेकर स्थानीय व्यापारियों ने अपने सुझाव एवं मांगें रखी हैं।

उन्होंने कहा कि परियोजना का टेंडर हो चुका है। ऐसे में संबंधित क्रियान्वयन एजेंसी के साथ स्थानीय व्यापारियों की बातचीत करवाई जाएगी, ताकि उनकी बात सीधे एजेंसी के समक्ष रखी जा सके। उन्होंने कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान यदि स्थानीय परिस्थितियों और तकनीकी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए किसी स्तर पर आवश्यक समायोजन की गुंजाइश बनती है, तो उस पर संबंधित एजेंसी के साथ विचार किया जाएगा।

सभी संबंधित पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर विकास के साथ स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्रवासियों के हितों का भी ध्यान रखा जाएगा तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय बनाकर आगे बढ़ा जाएगा।

इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी हरोली के अध्यक्ष संदीप अग्निहोत्री, एसटीए सदस्य अशोक ठाकुर, एसडीएम अंब पारस अग्रवाल, मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर, पूर्व पंचायत प्रधान तिलक राज शर्मा तथा बारीदार संघ के प्रधान रविंद्र छिंदा सहित अन्य उपस्थित रहे।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

मंदिर सौंदर्यीकरण जैसी भव्य योजनाएँ समाज के एकजुट प्रयासों से ही साकार होती हैं। जब किसी परियोजना में 206 करोड़ रुपये का निवेश हो, तो पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है। यह हमें सिखाता है कि बड़े सपनों को भी छोटे-छोटे कदमों में बाँटकर, सभी हितधारकों की आवाज़ सुनकर आगे बढ़ना चाहिए। इस प्रकार हम न केवल भौतिक सौंदर्य बढ़ाते हैं, बल्कि विश्वास और सहयोग की नई परम्परा भी स्थापित करते हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।