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आजीविका मिशन के माध्यम से खेती की तस्वीर बदलती महिलाएं

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
आजीविका मिशन के माध्यम से खेती की तस्वीर बदलती महिलाएं

कभी खेती के लिए जरूरी जैविक संसाधनों के लिए किसानों को गांव से बाहर जाना पड़ता था, तो आज वही संसाधन समूह की दीदियां गांव में ही उपलब्ध करा रहीं हैं।

जिले के ग्राम बढ़ौरा जैविक संसाधन केंद्र की दीदियां जैविक कृषि सामग्री तैयार कर किसानों तक पहुंचाने और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य कर रहीं हैं। चांदनी रावत, सुमित्रा रावत, गुड़िया यादव सहित अन्य दीदियां इस केंद्र का संचालन करती हैं। केंद्र के माध्यम से किसानों को बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, वर्मी कम्पोस्ट, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र सहित विभिन्न जैविक कृषि सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

बढ़ौरा का जैविक संसाधन केंद्र कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के केंद्र के साथ खेतों की तस्वीर बदलती ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व का पर्याय बन गया है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।