आलू किसानों के लिए BJP नेता की मांग:1000 रुपए प्रति कुंतल हो सरकारी भाव; उद्यान मंत्री से मिला आश्वासन
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →अंतर्राज्यीय आलू क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में आलू किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने प्रदेश के उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह से मुलाकात कर उन्हें एक मांग पत्र सौंपा है। इसमें 'कोल्ड भाड़ा अनुदान योजना' और 'भामाशाह भाव स्थिरता कोश योजना' में अहम संशोधन करते हुए किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने की मांग उठाई गई है।
चाहर ने उद्यान मंत्री को बताया कि कोल्ड स्टोरेज में करीब 85% आलू का भंडारण खतौनी धारक किसानों के पारिवारिक सदस्यों या पट्टे पर खेती करने वाले किसानों के नाम पर होता है। वर्तमान रजिस्ट्रेशन और सत्यापन प्रक्रिया के कारण ऐसे सभी किसान कोल्ड भाड़ा अनुदान योजना के लाभ से वंचित रह जाते हैं।
उन्होंने मांग की कि सभी किसानों को सीधे 100 रुपए प्रति कुंतल कोल्ड भाड़ा अनुदान दिया जाए और जिनके नाम पर कोल्ड स्टोर में आलू भंडारित है, उन्हें भी इस योजना का लाभ दिया जाए। 1000 रुपए प्रति कुंतल तय हो आलू का भाव भाजपा नेता ने 'भामाशाह भाव स्थिरता कोश योजना' के तहत आलू का मूल्य 700 रुपए प्रति कुंतल निर्धारित किए जाने पर भी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि किसान की वास्तविक लागत लगभग 1000 रुपए प्रति कुंतल आती है, इसलिए सरकार द्वारा तय किया गया 700 रुपये का भाव लागत के अनुपात में बहुत कम है। किसानों को योजना का वास्तविक लाभ दिलाने के लिए आलू का सरकारी मूल्य कम से कम 1000 रुपए प्रति कुंतल तय किया जाना चाहिए। उद्यान मंत्री ने दिया आश्वासन किसानों की इन प्रमुख मांगों पर उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों के सुझावों पर सरकार गंभीरता पूर्वक विचार करेगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिनके नाम पर कोल्ड स्टोरेज में आलू का भंडारण है और जो पट्टे पर जमीन लेकर आलू भंडारित कर रहे हैं, उन सभी को आलू भंडारण प्रभार में छूट का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।
📡 स्रोत: NewsData.io