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आमजन की बुनियादी सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें जिला कलेक्टर : मुख्यमंत्री, राज उन्नति की आठवीं बैठक

लेखक: AIR Jaipur अंतिम अपडेट: 18 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
आमजन की बुनियादी सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें जिला कलेक्टर : मुख्यमंत्री, राज उन्नति की आठवीं बैठक

जयपुर, 18 अगस्त। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गांव-ढाणी से लेकर शहरों तक संतुलित विकास और आमजन को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने जिला कलेक्टरों को सफाई, पेयजल, सड़क, रोशनी और कचरा संग्रहण जैसी सुविधाओं की नियमित निगरानी करने तथा आमजन की शिकायतों का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राज उन्नति की आठवीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने करीब 60 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं और विभिन्न योजनाओं के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा,'' शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कार्मिक और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए। अंतरविभागीय मामलों में जिला कलेक्टर प्रभावी समन्वय स्थापित कर समाधान सुनिश्चित करें।'' सुविधाओं के बेहतर संचालन के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के दौरान जलभराव, क्षतिग्रस्त सड़क, बिजली आपूर्ति बाधित होने और दुर्घटनाओं जैसी समस्याएं सामने आती हैं। जिला प्रशासन इनका संवेदनशीलता और तत्परता से समाधान करे।

उन्होंने बताया कि सड़कों की मरम्मत और अन्य जरूरी कार्यों के लिए प्रत्येक नगर निगम को 10 करोड़, नगर परिषद को 3 करोड़ और नगरपालिका को एक करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। जिला कलक्टर समिति बनाकर जरूरी मरम्मत कार्य तत्काल करवाएं। नालियों, पुलियाओं, सड़क किनारों और अन्य आधारभूत सुविधाओं की भी आवश्यकता के अनुसार मरम्मत कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच और अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने को कहा। प्रमुख मार्गों, चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने तथा खराब स्ट्रीट लाइट तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने वीबी-जी राम-जी योजना की प्रगति की जिला कलक्टरों को स्वयं समीक्षा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए बताया कि प्रदेश में करीब तीन लाख सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जा चुके हैं। उन्होंने शेष संयंत्र मार्च 2027 तक स्थापित करने का लक्ष्य पूरा करने को कहा। इससे राजस्थान को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने मुख्य सचिव को योजना के तहत बैंक ऋण सुविधा को अधिक सुचारू बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने रींगस-सीकर रेल मार्ग के दोहरीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश में चल रहे 60 स्टेशनों के कार्यों की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जयपुर में प्रस्तावित ईएसआई मेडिकल कॉलेज की समीक्षा करते हुए निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि का शीघ्र चयन करने और निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी का शुरू होना प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। रिफाइनरी के आसपास इससे जुड़े उद्योगों के विकास से क्षेत्र में यातायात भी बढ़ेगा। इसे देखते हुए एनएच-25 पर पचपदरा बाईपास से पटाऊ इंटरचेंज तक मौजूदा राजमार्ग को चार लेन करने की आवश्यक प्रक्रियाएं जल्द पूरी करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों में घरों और प्रतिष्ठानों से ठोस कचरा संग्रहण के लिए जीसीसी मॉडल के तहत चार हजार हूपर लगाए जाएंगे। उन्होंने इनकी निविदा प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।

एग्री स्टैक परियोजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा। फार्मर रजिस्ट्री को नामांतरण से जोड़ने और शेष गांवों की जियो-रेफरेंसिंग का काम शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के शेष कार्य मिशन मोड में पूरे करने को कहा। इसके तहत भवन निर्माण के लिए भूमि का जल्द आवंटन तथा चिकित्सा उपकरणों और मशीनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव को इसकी नियमित समीक्षा करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने राजस्थान संपर्क पोर्टल सहित अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। करौली नगर परिषद में मुकेश कुमार गुप्ता की आवासीय पट्टे की फाइल गुम होने के मामले में गहन जांच कर संबंधित कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि परिवादी ने वर्ष 2022 में आवासीय मकान के पट्टे के लिए आवेदन किया था, लेकिन फाइल गुम हो गई। संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद मामला राज उन्नति में शामिल किया गया और तत्कालीन सहायक प्रशासनिक अधिकारी को निलंबित किया गया। अब परिवादी को पट्टा जारी कर दिया गया है। परिवादी ने संपर्क पोर्टल की व्यवस्था की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

मुख्यमंत्री ने स्वायत्त शासन तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की सामुदायिक शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने सड़क के गड्ढों, मैनहोल और स्ट्रीट लाइट से संबंधित शिकायतों का जल्द समाधान करने को कहा। प्रदेश में फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) के क्षमता के अनुरूप संचालन के लिए कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति और वाहनों को जीपीएस से जोड़ने के निर्देश भी दिए।

बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव, शासन सचिव, संभागीय आयुक्त और जिला कलक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

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