अपराध

आपदा प्रबंधन को जन-केंद्रित बनाने पर जोर, विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम का होगा जमीनी आकलन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
आपदा प्रबंधन को जन-केंद्रित बनाने पर जोर, विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम का होगा जमीनी आकलन

Marking : Lead All

आपदा प्रबंधन को जन-केंद्रित बनाने पर जोर, विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम का होगा जमीनी आकलन

पटना में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में विद्यालय सुरक्षा का जमीनी आकलन, अग्नि सुरक्षा मजबूत करने और आपदा मित्रों को पहचान देने पर जोर दिया गया।

06 अक्टूबर , पटना (पटना, बिहार) : बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सभागार में सोमवार को प्राधिकरण की गतिविधियों, संचालित कार्यक्रमों और आगामी कार्ययोजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दीपक कुमार ने की। बैठक में राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक जन-केंद्रित और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

बैठक में प्राधिकरण की संरचना और कार्यप्रणाली के साथ जन-जागरूकता, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, अग्नि सुरक्षा, आकाशीय बिजली से बचाव, सड़क सुरक्षा, पशु सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन से संबंधित गतिविधियों की जानकारी उपाध्यक्ष को दी गई।

विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम का होगा जमीनी आकलन

उपाध्यक्ष दीपक कुमार ने मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम की प्रभावशीलता का आकलन जमीनी स्तर पर करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्राधिकरण के सदस्यों और प्रोफेशनल्स को विद्यालयों का प्रत्यक्ष भ्रमण कर कार्यक्रम के क्रियान्वयन तथा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में आपदा सुरक्षा के प्रति जागरूकता के वास्तविक प्रभाव का मूल्यांकन करने को कहा।

उन्होंने मॉडल स्कूलों के अद्यतन पाठ्यक्रम के साथ विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के मॉड्यूल और विषय-वस्तु के प्रभावी समन्वय पर भी जोर दिया, ताकि विद्यार्थियों को आपदा से बचाव और सुरक्षा संबंधी जानकारी अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जा सके।

आपदा मित्रों और जमीनी कार्यकर्ताओं को मिलेगी पहचान

बैठक में आपदा मित्रों और अन्य जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मियों के उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करने और उन्हें सार्वजनिक पहचान दिलाने पर भी चर्चा हुई। उपाध्यक्ष ने आपदा मित्र, मास्टर ट्रेनर, जीविका दीदी, आंगनवाड़ी सेविका सहित अन्य ग्राउंड वर्कर्स के उल्लेखनीय कार्यों को सामने लाने के लिए समर्पित प्रोत्साहन एवं पहचान पोर्टल विकसित करने का सुझाव दिया।

अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

स्लम और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा निजी अस्पतालों में प्रभावी फायर सेफ्टी ऑडिट सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में सरकारी अस्पतालों में अपनाई जा रही प्रभावी अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को निजी अस्पतालों तक भी विस्तारित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने का निर्देश दिया गया।

आकाशीय बिजली से बचाव में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर चर्चा

आकाशीय बिजली से बचाव के लिए इलेक्ट्रिक फील्ड मॉनिटर (EFM) और लाइटनिंग प्रोटेक्शन डिवाइस (LPD) जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी चर्चा हुई। उपाध्यक्ष ने इनके व्यापक उपयोग से पहले तकनीकी परीक्षण, वैज्ञानिक मूल्यांकन और फील्ड ट्रायल सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

इसके साथ ही पशु चिकित्सकों के प्रशिक्षण में पशुधन सुरक्षा, नाव दुर्घटना एवं जल सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण तथा सरकारी वाहन चालकों के लिए सड़क सुरक्षा और सुरक्षित ड्राइविंग प्रशिक्षण शुरू करने पर भी चर्चा की गई।

डिजिटल माध्यमों से बढ़ेगी आपदा जागरूकता

बैठक में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए नुक्कड़ नाटक, एलईडी वैन, डिजिटल फिल्म, सोशल मीडिया सहित अन्य डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया। साथ ही जिला स्तर पर तैयार की जाने वाली आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्ययोजनाओं को स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों के अनुरूप अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।

बैठक में प्राधिकरण के सदस्य पी.एन. राय, नरेंद्र कुमार सिंह, प्रकाश कुमार और शंभू दत्त झा, वित्तीय सलाहकार, प्रोफेशनल्स, पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

इस स्टोरी फोल्डर में :

फोटो

Caption :पटना में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में विद्यालय सुरक्षा का जमीनी आकलन, अग्नि सुरक्षा मजबूत करने और आपदा मित्रों को पहचान देने पर जोर दिया गया।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

आपदा प्रबंधन को जन-केंद्रित बनाना हमें यह सिखाता है कि सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल अधिकारियों की नहीं, बल्कि हर नागरिक की है। विद्यालयों में जमीनी आकलन से जोखिमों की पहचान कर, हम बच्चों को सुरक्षित वातावरण दे सकते हैं। यह पहल हमें सामूहिक चेतना जगाती है कि आपदाओं से बचाव के लिए शिक्षा, सहयोग और सतर्कता अनिवार्य हैं। इस दिशा में समाज को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए, ताकि हर घर सुरक्षित रहे।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।