आरजी कर रेप केस में पानिहाटी चेयरमैन गिरफ्तार:सबूत मिटाने का आरोप; पुलिस ने बेंगलुरु में छापेमारी के दौरान पकड़ा
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →2024 के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले में पुलिस ने TMC नेता सोमनाथ डे को गिरफ्तार किया है। सोमनाथ पानिहाटी नगरपालिका के चेयरमैन भी हैं। सोमनाथ को बुधवार सुबह बेंगलुरु में छापेमारी के दौरान डे को पकड़ा था। गुरुवार रात करीब 2:20 बजे उन्हें बंगाल लाया गया।
जांच अधिकारियों का आरोप है कि सोमनाथ डे ने अपराध के बाद सबूत नष्ट करने की कोशिश की। आरोप है कि उन्होंने पीड़िता के शव का जल्द अंतिम संस्कार कराने में मदद की।
आरजी कर हॉस्पिटल में 8-9 अगस्त 2024 की रात ट्रेनी डॉक्टर का रेप-मर्डर हुआ था। 9 अगस्त की सुबह डॉक्टर की लाश सेमिनार हॉल में मिली थी। 20 जनवरी 2025 को सेशंस कोर्ट ने आरोपी संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
अब समझिए आरजीकर रेप केस का पूरा मामला क्या है… 8-9 अगस्त 2024 की रात ट्रेनी डॉक्टर की रेप के बाद हत्या हुई आरजी कर हॉस्पिटल में 8-9 अगस्त 2024 की रात ट्रेनी डॉक्टर का रेप-मर्डर हुआ था। 9 अगस्त की सुबह डॉक्टर की लाश सेमिनार हॉल में मिली थी।
CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने संजय रॉय नाम के सिविक वॉलंटियर को 10 अगस्त को अरेस्ट किया था। घटना को लेकर कोलकाता समेत देशभर में प्रदर्शन हुए। बंगाल में 2 महीने से भी ज्यादा समय तक स्वास्थ्य सेवाएं ठप रही थीं।
हाईकोर्ट के आदेश पर CBI ने जांच शुरू की थी 9 अगस्त की घटना के बाद आरजी कर अस्पताल के डॉक्टरों और पीड़ित परिवार ने मामले की CBI जांच की मांग की, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जांच के आदेश नहीं दिए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद 13 अगस्त को जांच CBI को सौंपी गई।
इसके बाद CBI ने नए सिरे से जांच शुरू की। 3 को आरोपी बनाया गया, 2 को जमानत मिली संजय रॉय के अलावा मामले में मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को भी आरोपी बनाया गया, लेकिन CBI 90 दिन के अंदर घोष के खिलाफ चार्जशीट दायर नहीं कर पाई, जिस कारण सियालदह कोर्ट ने 13 दिसंबर को घोष को इस मामले में जमानत दे दी।
CBI ने 25 अगस्त को सेंट्रल फोरेंसिक टीम की मदद से कोलकाता की प्रेसीडेंसी जेल में संजय समेत 9 आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट किया था। इनमें आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष, ASI अनूप दत्ता, 4 फेलो डॉक्टर, एक वॉलंटियर और 2 गार्ड्स शामिल थे।
संजय इयरफोन और DNA से पकड़ में आया टास्क फोर्स ने जांच शुरू होने के 6 घंटे के भीतर दोषी संज
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
सभी समाज के सदस्यों को याद दिलाना चाहिए कि किसी भी प्रकार की हिंसा या अनैतिक व्यवहार का सामना कानूनी और शांतिपूर्ण तरीकों से किया जाना चाहिए। जब संघर्ष उत्पन्न हो, तो संवाद, मध्यस्थता और न्यायालय के मार्गदर्शन से समाधान खोजें। हमें पीड़ितों के प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए और उनके दर्द को समझते हुए न्याय की मांग करनी चाहिए। इस प्रकार हम एक सुरक्षित, सम्मानपूर्ण और सहिष्णु समाज का निर्माण कर सकते हैं।