आरक्षण का जिक्र कर अभिजीत दीपके बोले, 'मैं दलित परिवार से आता हूं, मेरे पिता...'

देश में इस समय आरक्षण और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के इक्विटी नियमों के खिलाफ अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं.
इस बीच सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि वह बंटवारे की राजनीति नहीं करना चाहता हैं क्योंकि वह दलित परिवार के ताल्लुक रखते हैं. आरक्षण को लेकर अभिजीत दीपके का बयान उन्होंने कहा, 'मेरे पिता को आरक्षण का फायदा मिला इसलिए उनको एक अच्छी जॉब मिली.
यही कारण है कि मैं प्राइवेट स्कूल जा पाया और मुझे बेहतर मौके मिले. मेरे पिता इंजीनियर बन गए तभी मैं बॉस्टन तक जा पाया, नहीं तो मैं कहां जा पाता.' अभिजीत दीपके ने कहा कि उन्होंने पढ़ाई के लिए जो लोन लिया था वो अभी चुकाना बाकी है.
न्यूज 24 को दिए इंटरव्यू में CJP संस्थापक ने कहा, 'मेरे पिता पढ़े लिखे हैं, लेकिन मेरे जो कई रिश्तेदार में वो पढ़े-लिखे नहीं हैं. मेरे चाचा अभी भी एक दुकान चलाते हैं. बुआ खेतों में काम करती है.' इस दौरान अभिजीत दीपके ने आम आदमी पार्टी छोड़ने की वजह भी बताई.
उन्होंने कहा कि वहां पैसे ज्यादा नहीं मिल रहे थे इसलिए उन्होंने AAP के साथ काम करना छोड़ दिया. आरक्षण सिस्टम में बदलाव को लेकर हो रहे प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण सिस्टम में बदलाव करने और यूजीसी के नियमों के विरोध में बड़ी संख्या में लोग जमा हुए हैं.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें टेंट लगाने और मंच बनाने की अनुमति नहीं दी जा रही है. उनकी मांग है क आरक्षण व्यवस्था में बदलाव किए जाएं. इसका राजनीतिकरण बंद होना चाहिए, जिसे जरूरत है, उसे मदद मिले.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आरक्षण में सुधार की मांग बहुत पहले उठनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसलिए अब हमें आगे आना पड़ रहा है. प्रदर्शनकारी ने कहा कि सरकार हमारी बात समझे और आर्थिक स्थिति तथा गरीबी के आधार पर आरक्षण दे, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का व्यक्ति हो. दिल्ली
📡 स्रोत: ABP Live