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आशा कार्यकर्ताओं ने 20 लाख मुआवजा, मानदेय वृद्धि और 5G मोबाइल समेत 10 मांगें उठाईं

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 25 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
आशा कार्यकर्ताओं ने 20 लाख मुआवजा, मानदेय वृद्धि और 5G मोबाइल समेत 10 मांगें उठाईं

शहरी-ग्रामीण आशाओं और आशा संगिनियों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन, बकाया भुगतान और ₹1,500 राज्य अंश जारी करने की मांग

लखनऊ। ऑल आशा एवं आशा संगिनी कार्यकत्री सेवा समिति, उत्तर प्रदेश ने शहरी और ग्रामीण आशा कार्यकर्ताओं तथा आशा संगिनियों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन प्रस्तुत किया। संगठन ने सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर आश्रितों को सरकारी नौकरी और 20 लाख रुपये मुआवजा देने सहित कुल 10 प्रमुख मांगें उठाईं।

ज्ञापन में शहरी आशा, ग्रामीण आशा और आशा संगिनियों की लंबित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने तथा उन्हें समान अधिकार और आवश्यक संरक्षण उपलब्ध कराने की मांग की गई। संगठन ने आजमगढ़ की दिवंगत आशा कार्यकर्ता गीता देवी का उल्लेख करते हुए सेवाकाल में मृत्यु होने की स्थिति में आश्रित परिवार को सरकारी नौकरी और 20 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग रखी।

आशा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) से संबंधित कार्य दोबारा आशा कार्यकर्ताओं को सौंपने की मांग भी की। साथ ही लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण की मांग उठाई गई।

ज्ञापन में आशा और आशा संगिनियों को पुराने मोबाइल उपकरणों के स्थान पर नए 5G मोबाइल और टैबलेट उपलब्ध कराने की मांग की गई। ऑनलाइन कार्यों के लिए प्रतिदिन 2GB डाटा की सुविधा और विभाग की ओर से सीधे मोबाइल रिचार्ज कराने की व्यवस्था करने की मांग भी शामिल है।

संगठन ने रोके गए 1,500 रुपये के राज्य अंश का भुगतान अनिवार्य रूप से जारी करने की मांग की। इसके अलावा लंबित प्रोत्साहन राशि, ABHA कार्ड और SNCU से संबंधित भुगतान का शीघ्र निपटारा करने तथा आशा कार्यकर्ताओं को आधिकारिक पे-स्लिप उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।

मानदेय और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी मांगों में दस्तक अभियान का मानदेय बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रतिमाह और पल्स पोलियो अभियान के लिए 100 रुपये प्रतिदिन किए जाने की मांग की गई। आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा सुविधा से जोड़ने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

आशा संगिनियों के क्षेत्रीय भ्रमण को देखते हुए उन्हें स्कूटी अथवा अन्य वाहन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है। संगठन का कहना है कि क्षेत्र में लगातार भ्रमण और ऑनलाइन कार्यों के कारण बेहतर मोबाइल, डाटा और परिवहन सुविधा उनके काम को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक है।

ज्ञापन प्राप्त करने वाले अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने मांगों को जायज बताते हुए उन्हें शासन स्तर तक पहुंचाने, संबंधित बिंदुओं का सत्यापन कराने और नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। संगठन ने मांगों के शीघ्र समाधान की अपेक्षा जताई है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों की मांगों पर आधारित है, जिनमें 20 लाख रुपये का मुआवजा, मानदेय वृद्धि, 5G मोबाइल और अन्य 10 मांगें शामिल हैं। यह विषय शहरी-ग्रामीण आशा कर्मचारियों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सरकारी नौकरी के अधिकार, बकाया भुगतान और राज्य अंश के मुद्दों को उजागर करती है, जिससे श्रमिकों के बीच असंतोष और मांगें स्पष्ट होती हैं। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि श्रमिकों के लिए बेहतर आर्थिक सुरक्षा और नौकरी के अवसर मिलें, जिसस

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।