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आतंकी ट्रैकिंग से बचने को LoRa डिवाइस इस्तेमाल कर रहे:इंटरनेट-मोबाइल टॉवर की जरूरत नहीं; 6 दिन पहले मारे गए आतंकी के पास बरामद हुई थी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 5 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
आतंकी ट्रैकिंग से बचने को LoRa डिवाइस इस्तेमाल कर रहे:इंटरनेट-मोबाइल टॉवर की जरूरत नहीं; 6 दिन पहले मारे गए आतंकी के पास बरामद हुई थी

जम्मू-कश्मीर में आतंकी ट्रैकिंग से बचने के लिए LoRa डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं। LoRa यानी लॉन्ग रेंज डिवाइस। यह कम पावर वाली रेडियो-फ्रीक्वेंसी कम्युनिकेशन तकनीक है। इसके जरिए मैसेज, लोकेशन और अन्य डेटा भेजा जाता है। सुरक्षा एजेंसियों ने कम्युनिकेशन डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर अलर्ट जारी किया है।

सूत्रों के मुताबिक, इन डिवाइस के जरिए आतंकी सामान्य मोबाइल नेटवर्क या वाई-फाई के बिना संपर्क कर सकते हैं। यह मामला 29 सितंबर के बडगाम ऑपरेशन के बाद सामने आया। जिसमें लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर हाशिम मूसा मारा गया था। सूत्रों के मुताबिक, मौके से AK-47, दो मैगजीन, एक LoRa/Ultra डिवाइस हैंडसेट और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ था।

LoRa सिस्टम अनलाइसेंस्ड रेडियो बैंड में काम करते हैं LoRa सिस्टम आमतौर पर क्षेत्र और डिवाइस के हिसाब से अनलाइसेंस्ड रेडियो बैंड में काम करते हैं। अब सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठनों के बीच ऐसे डिवाइस का इस्तेमाल कितने स्तर तक हो रहा है और इनके कम्युनिकेशन नेटवर्क को कैसे ट्रैक और बाधित किया जा सकता है।

29 सितंबर: आतंकी मूसा का एनकाउंटर, स्पॉट से मिला सामान, 3 तस्वीरें… परवेज मुशर्रफ की VVIP सुरक्षा टीम में तैनात था मूसा न्यूज एजेंसी ANI के सूत्रों के मुताबिक,मोहम्मद आसिफ उर्फ मूसा का जन्म 7 मार्च 1980 को हुआ था। वह 2000 में PA-3106947 सर्विस नंबर के साथ पाकिस्तान सेना में भर्ती हुआ।

बाद में हवलदार के पद से रिटायर हुआ। 2005 में मोहम्मद आसिफ को स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) में शामिल किया गया। 4 कमांडो ‘यलगार’ बटालियन में भी रहा। 2006 से उसकी पोस्टिंग बलूचिस्तान में रही। 2006 से 2009 के बीच मूसा ने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की VVIP सुरक्षा टीम के सदस्य के तौर पर भी काम किया था।

मूसा पर एक दर्जन से ज्यादा हमलों का आरोप मूसा को मार गिराना जम्मू-कश्मीर में सक्रिय बड़े आतंकी कमांडरों में से एक के खिलाफ पांच साल से चल रही तलाश का अंत है। मूसा सुरक्षा बलों और आम लोगों पर हुए एक दर्जन से ज्यादा बड़े आतंकी हमलों में सीधे शामिल था। उसने अप्रैल 2023 में पुंछ के भट्टा दुरियां में हुए हमले की साजिश रची थी।

इसमें पांच सैनिक मारे गए थे। इसके बाद मई 2023 में राजौरी के कांडी जंगल में धमाका हुआ था। इसमें पांच कमांडो मारे गए

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

आतंकी समूहों द्वारा LoRa (Long Range) डिवाइस का इस्तेमाल करके ट्रैकिंग से बचने की खबर है। LoRa कम पावर, लंबी दूरी की रेडियो तकनीक है, जिससे मोबाइल या वाई‑फाई के बिना ही संदेश और लोकेशन भेजे जा सकते हैं। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि आतंकवादियों के पास अब परिष्कृत संचार साधन हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। आम जनता पर इसका असर यह है कि सुरक्षा में बढ़ती खामियों के कारण क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रश्न उठेंगे और नागरिकों को अधिक सतर्क रहने की आवश्य

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