व्यापार

आत्मनिर्भर हिमाचल के निर्माण में शिक्षा, सड़क और ग्रामीण आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण सरकार की प्राथमिकता: रोहित ठाकुर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 17 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
आत्मनिर्भर हिमाचल के निर्माण में शिक्षा, सड़क और ग्रामीण आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण सरकार की प्राथमिकता: रोहित ठाकुर

बागी पंचायत में 19 लाख रुपये की लागत से निर्मित पशु औषधालय का शिक्षा मंत्री ने किया लोकार्पण

अक्तूबर 17,शिमला (हिमाचल प्रदेश): शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान बागी पंचायत में लगभग 19 लाख रुपये की लागत से निर्मित पशु औषधालय का लोकार्पण किया। इस पशु औषधालय के शुरू होने से क्षेत्र के पशुपालकों को पशु चिकित्सा संबंधी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी, जिससे उन्हें अपने पशुओं के उपचार के लिए दूरदराज के क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा।

इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि बागी पंचायत में पशु औषधालय का निर्माण क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मांग थी। प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने और लोगों को आवश्यक सेवाएं उनके घर-द्वार के समीप उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि बागी और रत्नाड़ी पंचायतों में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए 193 सड़कें स्वीकृत की गई हैं। बर्फबारी प्रभावित क्षेत्र होने के साथ-साथ यह इलाका बागवानी की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

ऐसे में सड़कों का सुदृढ़ नेटवर्क किसानों और बागवानों की आर्थिकी को मजबूत करने, कृषि-बागवानी उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने में अहम भूमिका निभाता है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बागवानी की प्रगति की भाग्य रेखाएं हैं।

प्रदेश सरकार दुर्गम और बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि क्षेत्र में लंबित विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा और एक वर्ष के भीतर इन्हें पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगभग 30 भवनों के निर्माण कार्य पिछले कई वर्षों से लंबित हैं।

इन भवनों का निर्माण कार्य भी पूरा करवाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि लोगों को इनसे संबंधित सुविधाओं का लाभ मिल सके। रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार आत्मनिर्भर हिमाचल के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। प्रदेश की आर्थिकी को सुदृढ़ करने, ग्रामीण विकास को गति देने और आमजन के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और प्रदेश के भविष्य की आधारशिला है। हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज राज्य शिक्षा के क्षेत्र में देश में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश सरकार सरकारी शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दे रही है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में शिक्षकों और गैर-शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि विद्यालयों में मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलें। प्रदेश के 150 से अधिक विद्यालयों को सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुरूप परिवर्तित किया गया है।

इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (NAS) में हिमाचल 21वें और परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) में 18वें स्थान पर था, जबकि अब प्रदेश एनएएस में शीर्ष पांच और पीजीआई में शीर्ष तीन राज्यों में शामिल हो गया है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल की साक्षरता दर 99.13 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो देश में गोवा के बाद दूसरी सबसे अधिक है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सड़क संपर्क में सुधार और विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रयासरत है।

सरकार का उद्देश्य विकास की योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। दौरे के दौरान शिक्षा मंत्री ने स्थानीय लोगों की समस्याएं और जन शिकायतें भी सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों के माध्यम से उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध निवारण और विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर एसडीएम डॉ. मनु वर्मा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मेहता, पूर्व अध्यक्ष मोती लाल डेरटा, जिला परिषद कलबोग वार्ड की सदस्य रेखा चौहान, बागी पंचायत के प्रधान हरि प्रकाश शोकटा, रत्नाड़ी पंचायत के प्रधान सुनील ठाकुर, कोटखाई बीडीसी अध्यक्ष विद्या राजटा, उपाध्यक्ष सुनील राजटा, बीडीसी सदस्य शिशु पाल शर्मा, लायक राम सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।