राजनीति

आउटसोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मियों ने कम वेतन और मनमानी के खिलाफ दुमका में खोला मोर्चा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
आउटसोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मियों ने कम वेतन और मनमानी के खिलाफ दुमका में खोला मोर्चा

आउटसोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मियों ने श्रम अधीक्षक कार्यालय का किया घेराव, भाजपा नेता अमित मंडल और सुनील सोरेन के नेतृत्व में प्रदर्शन, हेमंत सरकार पर बोला हमला, समान काम के बावजूद कम वेतन और मनमानी का लगाया आरोप।

Short Headline: आउटसोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मियों ने कम वेतन और मनमानी के खिलाफ दुमका में खोला मोर्चा

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एंकर झारखंड के दुमका जिले में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों को पिछले 12 महीनों से वेतन न मिलने का मामला सामने आया है। बकाया वेतन के शीघ्र भुगतान की मांग को लेकर आउटसोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मियों के समर्थन में आज भारतीय जनता पार्टी की ओर से दुमका स्थित श्रम अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया गया।

होल्ड अप साउंड रिपोर्ट

वीओ 01. दुमका में स्वास्थ्यकर्मियों के बकाया वेतन का मामला अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक अमित मंडल ने राज्य की हेमंत सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि पिछले 12 महीनों से आउटसोर्सिंग कर्मियों को वेतन नहीं मिला है, और हैरानी की बात यह है कि दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ जैसे महापर्वों के समय भी इनके घरों में अंधेरा रहा।

वीओ 02. वेतन न मिलने से प्रभावित कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि महीनों तक भुगतान न होने से परिवार का खर्च चलाना और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना असंभव हो गया है, जिससे भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो रही है।

वीओ 03. वहीं, पैरामेडिकल स्टाफ एसोसिएशन के सचिव राजू महतो ने बताया कि दुमका में कुल चार आउटसोर्सिंग कंपनियां सक्रिय हैं, जो न केवल नियमित वेतन का भुगतान नहीं कर रही हैं, बल्कि सभी कर्मियों को न्यूनतम मजदूरी से कम और बेहद असमान वेतन दे रही हैं।

वीओ 04. इस पूरे मामले पर जब प्रशासनिक पक्ष जानने के लिए दुमका के श्रम अधीक्षक सूरज हांसदा से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने सिविल सर्जन और संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसियों को पत्र लिखकर सूचित किया था, जिसके जवाब में एजेंसियों ने सरकार की ओर से फंड या आवंटन न मिलने की बात कही है।

अंतिम वीओ बहरहाल, दुमका में स्वास्थ्यकर्मियों के बकाया वेतन और शोषण का यह मामला अब प्रशासनिक जवाबदेही और संवेदनशीलता पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।

दुमका से गौतम कुमार की रिपोर्ट।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।