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आवास निर्माण योजनाओं की समीक्षा, सरकारी परिसंपत्तियों को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में काम

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 18 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
आवास निर्माण योजनाओं की समीक्षा, सरकारी परिसंपत्तियों को पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में काम

10 सितम्बर 2026, देहरादून: राज्य संपत्ति विभाग ने सरकारी परिसंपत्तियों को आधुनिक, उपयोगी और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में कार्य योजनाओं को गति दी है। विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में देहरादून में हुई बैठकों में रुद्रप्रयाग के रतूड़ा में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह और देहरादून के रेसकोर्स में 48 आवासों की निर्माण योजनाओं की समीक्षा की गई।

सचिव ने रतूड़ा में करीब 48 करोड़ 84 लाख रुपये की लागत से बनने वाले अतिथि गृह में आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, निर्माण में एनजीटी के पर्यावरणीय मानकों का पालन और नदी से निर्धारित दूरी सुनिश्चित करने को कहा। वहीं, रेसकोर्स में करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 48 आवासों में ग्रीन बिल्डिंग मानकों का पालन और वर्षा जल संचयन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

सचिव ने अधिकारियों को परियोजनाओं में स्थानीय वास्तुशैली, गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जनता को योजनाओं का शीघ्र लाभ मिल सके।

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर सरकारी परिसंपत्तियों को पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक बनाने के लिए आवास निर्माण योजनाओं की समीक्षा के बारे में है। देहरादून में राज्य संपत्ति विभाग ने रुद्रप्रयाग के रतूड़ा में प्रस्तावित अतिथि गृह और रेसकोर्स में 48 आवासों की योजनाओं पर चर्चा की। यह कदम सरकार की सतत विकास और हरित नीतियों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके महत्व को देखते हुए, यह नयी योजनाएँ सार्वजनिक भवनों में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और कार्बन फुटप्रिंट घटाने में मदद करेंगी। आम जनता को बेहतर आवासीय सुविधाएँ, कम ऊर्जा लागत और

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।