भोपाल

आयुर्वेद का आने वाला समय, इसके ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत: राज्यपाल पटेल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
आयुर्वेद का आने वाला समय, इसके ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत: राज्यपाल पटेल

भोपाल में राज्यपाल ने स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और योग पर दिया जोर,

औषधीय पौधों व पारंपरिक स्वास्थ्य ज्ञान पर शोध के लिए विद्यार्थियों को किया प्रेरित

भोपाल, सितंबर 28: राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि आने वाला समय आयुर्वेद का है और इसके ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने स्वस्थ जीवन, प्रकृति संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। राज्यपाल रविवार को भोपाल स्थित पं. खुशीलाल शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के प्रसारण से पूर्व संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को केवल उपचार तक सीमित न रखते हुए रोग नियंत्रण, स्वास्थ्य जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ा जाए। उन्होंने संतुलित आहार, मिलेट, पर्याप्त पानी, योग और नियमित व्यायाम को जरूरी बताया। राज्यपाल ने स्थानीय औषधीय पौधों और पारंपरिक स्वास्थ्य ज्ञान पर शोध के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

आयुर्वेद के ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने के महत्व पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल का वक्तव्य है। यह विषय आयुर्वेदिक चिकित्सा, संतुलित आहार और योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आयुर्वेदिक उपचार प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और औषधीय पौधों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ती है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि लोग पारंपरिक स्वास्थ्य ज्ञान को अपनाएँ, प्राकृतिक उपचारों की ओर रुख करें और स्वास्थ्य जागरू

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।