'अब मेरे सामने एक चैलेंज है...' WI के खिलाफ 139 रन बनाने के बाद बोले विराट कोहली
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139 रन की पारी के बाद विराट कोहली के पास जश्न मनाने की वजह तो थी, लेकिन उनका ध्यान रिकॉर्ड पर नहीं, आगे की चुनौती पर है.
वेस्टइंडीज के खिलाफ दमदार पारी खेलने के बाद कोहली ने अपने खेल, फिटनेस और आने वाले लक्ष्य को लेकर खुलकर बात की.
उन्होंने बताया कि करियर के इस पड़ाव पर वो अपने खेल को और बेहतर करने पर काम कर रहे हैं.
कोहली ने कहा कि उनका ध्यान कभी भी रिकॉर्ड या माइलस्टोन पर नहीं रहा.
वो मैच की हालात को समझकर टीम के लिए अपना काम करने पर ध्यान देते हैं. उन्होंने लंबे समय तक भारत के लिए खेलने का मौका मिलने पर आभार भी जताया.
विराट ने कहा कि करियर के इस पड़ाव पर उनके सामने अपने खेल को एक-दो गियर ऊपर ले जाने की चुनौती है. उनके लिए ये काफी रोमांचक है कि वो अपने खेल का एक नया रूप तैयार करें.
चाहे भारत के लिए खेलना हो या आईपीएल में, वह लगातार अपने खेल में सुधार करना चाहते हैं.
फिटनेस के साथ दिमाग को भी रखना है फ्रेश
कोहली ने कहा कि अच्छे खेल के लिए शरीर के साथ दिमाग का फिट रहना भी जरूरी है. वो खुद को शारीरिक रूप से फिट रखने के साथ मानसिक तौर पर फ्रेश रहना चाहते हैं.
उनका मानना है कि जब दिमाग साफ हो, तो खिलाड़ी मैदान पर अपने खेल को बेहतर तरीके से उतार सकता है.
कोहली ने कहा कि वर्ल्ड कप अभी एक साल दूर है और उन्हें पता है कि उन्हें क्या हासिल करना है. इसके लिए वह खेल के अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रहे हैं.
मैदान पर तेजी बनाए रखना, रन के लिए लगातार दौड़ना और अपनी एनर्जी दिखाना उनकी तैयारी का हिस्सा है. वो हर दिन का आनंद लेते हुए आगे बढ़ना चाहते हैं.
भारत के लिए खेलना आज भी खास
विराट ने कहा कि भारत के लिए खेलने का हर मौका उनके लिए खास है. उन्होंने ये भी याद किया कि हर किसी को देश के लिए खेलने का मौका नहीं मिलता.
इसलिए मैदान पर उतरते ही वह बाहर की चीजों को भूलकर पूरी मेहनत करना चाहते
📡 स्रोत: ABP Live Khel
💡 पृष्ठभूमि (Background)
विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 139 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी कौशल का नया अध्याय लिखा, पर उनका ध्यान रिकॉर्ड पर नहीं बल्कि आने वाली चुनौतियों पर है। यह घटना भारतीय क्रिकेट की निरंतर सफलता और खिलाड़ियों के मानसिक दृढ़ता को दर्शाती है, जिससे प्रशंसकों को प्रेरणा मिलती है। कोहली की इस सोच से युवा खिलाड़ी भी सीख सकते हैं कि लक्ष्य पर स्थिर रहना और फिटनेस पर काम करना सफलता की कुंजी है, जिससे समाज में खेल के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बढ़ेगा।