अडानी एयरपोर्ट्स का बड़ा फैसला, मुंबई एयरपोर्ट के T1 का एक हिस्सा होगा रिडेवलप
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अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड यानी AAHL की ओर से संचालित मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने मुंबई हवाई अड्डे के टर्मिनल 1बी के उत्तरी हिस्से के आंशिक पुनर्विकास का ऐलान किया है.
लगभग 60 साल पुरानी इस इमारत की सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. पुनर्विकास का यह अगले साल जनवरी से शुरू होगा.
अडानी एयरपोर्ट्स की ओर दी गई जानकारी के मुताबिक, मुंबई एयरपोर्ट से हर साल लगभग 5.5 करोड़यात्री आवाजाही करते हैं.
इस पुनर्विकास कार्य के दौरान केवल 50 लाख यानी लगभग 9% यात्रियों की सेवाएं ही अस्थायी रूप से प्रभावित होंगी. बाकी 91% यात्री यातायात पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
एयरलाइंस और यात्रियों की सुविधा को बनाए रखने के लिए अडानी ग्रुप ने एयरलाइंस को अपनी उड़ानों को अस्थायी रूप से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ट्रांसफर करने का विकल्प दिया है.
एमआईएएल इस बदलाव के दौरान एयरलाइंस को पूरा सहयोग देगा.
क्यों लिया गया ये फैसला?
अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के सीईओ अरुण बंसल ने बताया है, "पुराने हो चुके इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत बेहद जरूरी थी.
इस साल अप्रैल में टर्मिनल वन पर आग लगने की घटना के बाद जोखिम और बढ़ गया था.
नवी मुंबई एयरपोर्ट के चालू होने से अब हमारे पास एक बेहतरीन विकल्प मौजूद है, जिससे टर्मिनल वन को पूरी तरह बंद किए बिना चरणबद्ध तरीके से काम किया जा सकता है." उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नवी मुंबई में उड़ानों का स्थानांतरण केवल अस्थायी है, स्थायी नहीं.
पुनर्विकास पूरा होने के बाद टर्मिनल वन की यात्री क्षमता में 33% की बढ़ोतरी होगी. इसकी क्षमता 1.5 करोड़ यात्री हर साल से बढ़कर दो करोड़ यात्री हर साल हो जाएगी.
इसके अलावा एयरलाइंस के सभी ऐतिहासिक स्लॉट बहाल रखे जाएंगे और नए स्लॉट भी उपलब्ध कराए जाएंगे.
नवी मुंबई एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए छूट
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को आकर्षित करने के लिए नवी मुंबई
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
अडानी एयरपोर्ट्स ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1बी के उत्तरी हिस्से का आंशिक पुनर्विकास शुरू करने का निर्णय लिया है। यह कदम 60‑साल पुरानी इमारत की सुरक्षा चिंताओं को दूर करने और आधुनिक सुविधाएँ जोड़ने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मुंबई के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की संरचना और संचालन को प्रभावित करेगी, जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव और एयरलाइन कंपनियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। आम जनता पर इसका असर यात्रा के दौरान कम बाधा, बेहतर सुरक्षा और संभावित रूप