‘अगर वे इस्तीफा नहीं देंगे तो...’, ज्ञानेश कुमार को लेकर चिदंबरम का बड़ा दावा
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मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ जारी राजनीतिक विवाद के बीच पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस सांसद पी.
चिदंबरम ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है.
उन्होंने कहा है कि अगर CEC ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ हो रहा विरोध प्रदर्शन और भी ज्यादा बढ़ेगा, आंदोलन तेज होगा और आखिर में उन्हें इस्तीफा देना ही पड़ेगा.
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कांग्रेस सांसद पी.
चिदंबरम ने शनिवार (3 अक्टूबर, 2026) को कहा, मुझे इसमें कोई शक नहीं है कि ज्ञानेश कुमार को कभी न कभी इस्तीफा देना ही पड़ेगा.
उनके लिए यही बेहतर होगा कि वे जल्द से जल्द अपना इस्तीफा दे दें, लेकिन अगर वे इस्तीफा नहीं देते हैं, तो विरोध जारी रहेगा.
उन्होंने कहा, इंडिया गठबंधन का विरोध जारी रहेगा.
अन्य समूह भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और आखिर में उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. उनके लिए समझदारी भरा कदम यही होगा कि वे अभी ही इस्तीफा दे दें.
कौन कर रहा CEC ज्ञानेश कुमार का बचाव?
इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि CEC ज्ञानेश कुमार को कौन बचा रहा है, तब चिदंबरम ने कहा, मुझे नहीं पता है कि उन्हें कौन बचा रहा है.
सरकार कभी चुनाव आयुक्त का बचाव करती है, कभी वे कहते हैं कि उनका चुनाव आयुक्त से कोई लेना-देना नहीं है. यह एक संवैधानिक संस्था है, लेकिन स्पष्ट रूप से कोई न कोई उनका बचाव कर रहा है.
कोई तो है, जो उन्हें इस्तीफा न देने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, लेकिन उन्हें इस्तीफा देना पड़ेगा.
ECI के अन्य चुनाव आयुक्तों को लेकर क्या बोले चिदंबरम?
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📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
चिदंबरम ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है, यह दावा करते हुए कि यदि वे पद पर बने रहते हैं तो विरोध प्रदर्शन और भी बढ़ेंगे। यह विषय भारत के चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) पर राजनीतिक विवाद को उजागर करता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और चुनावी प्रशासन पर सवाल उठाती है, जिससे चुनावी विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि मतदाता सूची में त्रुटियों के कारण चुनावी परिणामों पर भरोसा कम हो, और