अघोरी किन्नर ने चिता से मांस निकालकर क्यों खाया:VIDEO में जो दिखा, क्या वह साधना है; अघोरी श्मशान में करते क्या हैं?
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →एक तरफ जलती चिता... दूसरी तरफ हाथ में तलवार लिए किन्नर अघोरी...चिता से एक टुकड़ा निकालती है और कैमरे के सामने उसे खाती है। उज्जैन के चक्रतीर्थ श्मशान का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो सवाल सिर्फ वीडियो में दिख रहे मंजर का नहीं रहा, बल्कि अघोर साधना की उस परंपरा पर भी उठ गया, जिसके नाम पर यह सब किया गया।
आखिर अघोर साधना क्या है? अघोरी श्मशान क्यों जाते हैं? क्या मानव अवशेष खाना इस साधना का हिस्सा है? और वायरल वीडियो के बाद अब कानून क्या करेगा; समझते हैं आज के मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर में। ।।पहले ये दो तस्वीरें देखिए।। सवाल 1- वायरल वीडियो में आखिर दिख क्या रहा है, और काली है कौन?
जवाब- वीडियो में जो दिख रहा है, वह सामान्य धार्मिक अनुष्ठान नहीं है। सवाल 2- अघोर परंपरा क्या है, और श्मशान साधना क्यों होती है? जवाब- 'अघोर' का शाब्दिक अर्थ है, जो घोर यानी डरावना न हो। सवाल 3- तो क्या मानव अवशेष खाना अघोर साधना का हिस्सा है? जवाब- नहीं। अघोर साधकों के मुताबिक, इसे अघोर साधना का हिस्सा नहीं माना जाता।
तो फिर साधना से जुड़ा नहीं होने के बावजूद ऐसा करने की वजह क्या हो सकती है? सवाल 4- जलती चिता से छेड़छाड़ पर कानून क्या कहता है? जवाब- पुलिस ने इसे सिर्फ धार्मिक विवाद नहीं माना है, FIR दर्ज कर अघोरी काली की गिरफ्तारी हो चुकी है। सवाल 5- FIR के बाद अब आगे क्या होगा?
जवाब- अब पुलिस वीडियो, चिता और उससे जुड़े साक्ष्यों की जांच करेगी।
मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर का ये एपिसोड भी पढ़िए पन्ना में हीरे निकल रहे, पर बिक क्यों नहीं रहे:20 महीने से नीलामी क्यों अटकी है कहा जाता है कि करीब 350 साल पहले महाराजा छत्रसाल के गुरु महामति प्राणनाथ ने उन्हें बताया था कि पन्ना की धरती के नीचे हीरे दबे हैं।
इसी के बाद पन्ना में पहली खदान खुदी और तब से पन्ना हीरे की खान के तौर पर मशहूर है, और आज भी यहां कोई भी नागरिक 200 रुपए का पट्टा लेकर खुदाई शुरू कर सकता है। लेकिन आज पन्ना के सामने अलग किस्म की मुश्किल है- हीरे मिल रहे हैं, लेकिन बिक नहीं पा रहे...पूरा एक्सप्लेनर पढ़िए।
📡 स्रोत: NewsData.io