अकाल तख्त ने आप विधायक को 'तनखैया' किया घोषित
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
अक्टूबर 17, नई दिल्ली: सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने आम आदमी पार्टी के विधायक मनविंदर सिंह गियासपुरा को धार्मिक कदाचार का दोषी मानते हुए 'तनखैया' घोषित किया है। सिख धार्मिक संस्थाओं और प्रमुख हस्तियों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर शुरू हुआ यह मामला अब धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
अकाल तख्त सचिवालय के मुताबिक, पायल विधानसभा सीट से विधायक गियासपुरा को 12 अक्टूबर को सचिवालय में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बाद उन्होंने मीडिया के सामने जाति के आधार पर भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया था। इस घटनाक्रम के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया।
शुक्रवार को अकाल तख्त के जत्थेदार के निर्देश पर आम आदमी पार्टी के विधायक और नेता सचिवालय पहुंचे और पूरे मामले में अपना पक्ष रखा। इस दौरान आप नेताओं ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए गुरु साहिब से माफी मांगी।
आप नेताओं ने स्पष्ट किया कि अकाल तख्त साहिब में किसी भी व्यक्ति को जाति, नस्ल या रंग के आधार पर प्रवेश से नहीं रोका जाता। उन्होंने गियासपुरा की टिप्पणियों से खुद को अलग करते हुए कहा कि ये उनके निजी विचार हैं और पार्टी के अन्य विधायक उनसे सहमत नहीं हैं।
क्या है 'तनखैया' का मतलब?
सिख धार्मिक परंपरा में 'तनखैया' उस व्यक्ति को कहा जाता है, जिसे धार्मिक मर्यादा के उल्लंघन का दोषी माना जाता है। ऐसे व्यक्ति को अकाल तख्त की ओर से निर्धारित धार्मिक दंड या सेवा पूरी करनी पड़ सकती है।
इस मामले में अकाल तख्त के फैसले और आप नेताओं की माफी ने धार्मिक मर्यादा, सार्वजनिक बयानों और राजनीतिक जिम्मेदारी से जुड़े सवालों को चर्चा में ला दिया है। अब इस मामले में आगे होने वाली धार्मिक कार्रवाई पर नजर रहेगी।
फ़ाइल फ़ोटो