अखिल भारतीय गोस्वामी सभा की प्रदेश समन्वय समिति की बैठक में संगठन को मजबूत करने पर जोर
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भोपाल। अखिल भारतीय गोस्वामी सभा, मध्यप्रदेश की प्रदेश समन्वय समिति की बैठक कोटरा स्थित अपैक्स बैंक ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित की गई। बैठक में समाज को संगठित और मजबूत बनाने के साथ आगामी युवक-युवती परिचय सम्मेलन, समाज के भवन निर्माण तथा संगठन के विस्तार को लेकर चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय गोस्वामी सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बालकृष्ण पर्वत और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष महंत प्रीतम पुरी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा भोपाल जिलाध्यक्ष रविंद्र यति उपस्थित रहे। बैठक में समाज के युवक-युवतियों के लिए परिचय सम्मेलन आयोजित करने की तैयारियों पर चर्चा हुई।
साथ ही समाज के अपने भवन के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने और प्रदेशभर में गोस्वामी समाज को एकजुट रखने पर जोर दिया गया। पदाधिकारियों ने संगठन की गतिविधियों को सक्रिय करने और समाज के लोगों को संगठन से जोड़ने की आवश्यकता बताई। बैठक के दौरान संगठन की नई नियुक्तियों की भी घोषणा की गई।
प्रदेश राष्ट्रीय कार्यकारिणी में महंत सुरेंद्र गिरी और महंत रूप गिरी के नामों की घोषणा की गई। मध्यप्रदेश महिला अध्यक्ष के पद पर रजनी पुरी गोस्वामी तथा भोपाल जिलाध्यक्ष के पद पर छोटेलाल गिरी को जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा प्रदेश और जिला कार्यकारिणी के अन्य पदों पर भी नियुक्तियों की घोषणा की गई।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय संगठन मंत्री लक्ष्मण प्रेमनारायण गिरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेंद्र गिरी, राष्ट्रीय प्रचार प्रमुख कविता गोस्वामी, महिला प्रदेश पदाधिकारी साधना गोस्वामी और उर्मिला, अरविंद गिरी, महेंद्र गिरी, अनूप गोस्वामी तथा राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी विपिन यति सहित संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
छोटेलाल गिरी को भोपाल जिलाध्यक्ष बनाए जाने पर समाज के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई दी।
रामनारायण गिरी, धीरेंद्र गिरी, शिवमुनि गिरी, तारकेश्वर गिरी, मनोज गिरी, प्रसिद्ध गिरी, कृष्ण गिरी, अजय गिरी, धनजी, राकेश, आनंद, रीता गिरी, सुभाष गिरी, शमशेर साहब पुरी, राजेश, दामोदर व्यास और अजीत सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
अखिल भारतीय गोस्वामी सभा की प्रदेश समन्वय समिति की बैठक का मुख्य विषय संगठन को मजबूत करना और समाज के विकास के लिए योजनाएँ बनाना था। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समाज के भीतर एकजुटता और सक्रियता बढ़ाने के साथ-साथ आने वाले युवा सम्मेलन के लिए आधार तैयार करता है। यदि समिति द्वारा सुझाई गई योजनाएँ सफलतापूर्वक लागू होती हैं, तो आम जनता को बेहतर सामाजिक सुविधाएँ, रोजगार के अवसर और सामुदायिक भवनों के निर्माण से लाभ मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय विकास और सामाजिक समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।